एक्सप्लोरर

ChatGPT का डरावना खेल! सिलिकॉन वैली के शख्स ने OpenAI पर किया केस, चैटबॉट ने एक्स-गर्लफ्रेंड को बनाया था निशाना

OpenAI ChatGPT: पीड़िता का कहना है कि उसने OpenAI को तीन बार चेतावनी दी थी कि यह व्यक्ति दूसरों के लिए खतरा बन सकता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • महिला की छवि खराब करने में AI का किया इस्तेमाल।

OpenAI ChatGPT: कैलिफोर्निया की एक अदालत में दायर नए मुकदमे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर गहरी चिंता खड़ी कर दी है. एक महिला, जिसकी पहचान छुपाने के लिए उसे जेन डो कहा गया है, ने आरोप लगाया है कि ChatGPT ने उसके एक्स बॉयफ्रेंड के गलत व्यवहार को बढ़ावा दिया और उसकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया.

AI चैट से बढ़ा भ्रम

Tech Crunch की रिपोर्ट के अनुसार, सिलिकॉन वैली का 53 वर्षीय एक उद्यमी कई महीनों तक ChatGPT से बातचीत करता रहा. इस दौरान उसे यह यकीन हो गया कि उसने स्लीप एपनिया की दवा खोज ली है और कुछ ताकतवर लोग उसके पीछे पड़े हैं. आरोप है कि इसी मानसिक स्थिति में उसने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड को परेशान करना शुरू कर दिया और ChatGPT से मिली जानकारी का इस्तेमाल कर उसे स्टॉक और हैरेस करने लगा.

OpenAI ने चेतावनियों को किया अनदेखा

पीड़िता का कहना है कि उसने OpenAI को तीन बार चेतावनी दी थी कि यह व्यक्ति दूसरों के लिए खतरा बन सकता है. यहां तक कि कंपनी के सिस्टम ने भी उसकी एक्टिविटी को मास-कैजुअल्टी वेपन्स से जुड़ा मानकर फ्लैग किया था. इसके बावजूद कंपनी ने उसका अकाउंट पूरी तरह से बंद नहीं किया. महिला अब अदालत से मांग कर रही है कि उस व्यक्ति का अकाउंट स्थायी रूप से ब्लॉक किया जाए नए अकाउंट बनाने से रोका जाए और उसकी चैट हिस्ट्री सुरक्षित रखी जाए.

AI ने महिला को बताया गलत

मुकदमे में कहा गया है कि जब दोनों का रिश्ता टूटा तो आरोपी ने ChatGPT से सलाह लेना शुरू किया. AI ने उसकी बातों का विरोध करने के बजाय उसे ही सही ठहराया और महिला को गलत और अस्थिर बताया. इसी आधार पर उसने कथित तौर पर नकली मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार कीं और उन्हें महिला के परिवार, दोस्तों और ऑफिस में भेजा जिससे उसकी छवि खराब हुई.

खतरनाक कंटेंट के बावजूद अकाउंट फिर चालू

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2025 में OpenAI के सिस्टम ने उसके अकाउंट को खतरनाक एक्टिविटी के चलते बंद कर दिया था. लेकिन अगले ही दिन ह्यूमन टीम ने समीक्षा के बाद उसे फिर से चालू कर दिया. बाद में सामने आए स्क्रीनशॉट्स में violence list expansion और fetal suffocation calculation जैसे गंभीर टॉपिक्स दिखे जो उसकी मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करते हैं.

शिकायत के बाद भी नहीं मिला जवाब

पीड़िता ने नवंबर में OpenAI को औपचारिक शिकायत भेजी और बताया कि पिछले कई महीनों से वह डर के माहौल में जी रही है. उसने यह भी कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल उसके खिलाफ हथियार की तरह किया जा रहा है. कंपनी ने शिकायत को गंभीर बताया लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई या जवाब नहीं दिया गया.

मामला और गंभीर हुआ, आरोपी गिरफ्तार

आगे चलकर आरोपी ने महिला को धमकी भरे वॉइसमेल भेजे. जनवरी में उसे बम की धमकी देने और घातक हथियार से हमला करने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि बाद में उसे मानसिक रूप से ट्रायल के लायक नहीं माना गया और उसे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रोसेस में खामी के कारण वह जल्द ही बाहर आ सकता है.

कानूनी बहस तेज

इस केस ने AI कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ कंपनियां खुद को कानूनी सुरक्षा देने की कोशिश कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ ऐसे मामले यह दिखा रहे हैं कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या इससे AI इंडस्ट्री के लिए नए नियम बनेंगे.

यह भी पढ़ें:

55,000 रुपये से भी कम में खरीदें iPhone 17! यहां मिल रही है सबसे जबरदस्त डील, जानिए कैसे उठाएं ऑफर का लाभ

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Smartphone Tips: कोई एप आपकी स्क्रीन तो रिकॉर्ड नहीं कर रहा? फटाफट ऐसे करें चेक
कोई एप आपकी स्क्रीन तो रिकॉर्ड नहीं कर रहा? फटाफट ऐसे करें चेक
Important Phone Settings: फोन में कर लें ये तीन बदलाव, मोबाइल नहीं आप हो जाएंगे स्मार्ट, यहां जानिए क्या है तरीका?
फोन में कर लें ये तीन बदलाव, मोबाइल नहीं आप हो जाएंगे स्मार्ट, यहां जानिए क्या है तरीका?
OnePlus के भारत छोड़ने की चर्चा, क्या अब फोन खरीदना रहेगा फायदे का सौदा?
OnePlus के भारत छोड़ने की चर्चा, क्या अब फोन खरीदना रहेगा फायदे का सौदा?
Semicon 2.0 Explained: मोबाइल से मिसाइल तक... आखिर चिप इंडस्ट्री पर क्यों 1.27 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा भारत?
मोबाइल से मिसाइल तक... आखिर चिप इंडस्ट्री पर क्यों 1.27 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा भारत?

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
देश का पहला प्राइवेट रॉकेट इतिहास रचने को तैयार, श्री हरिकोटा से विक्रम-1 भरेगा उड़ान, US-चीन की उड़ेगी नींद
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
मशहद के जिस इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए थे अयातुल्ला खामनेई, वहां पर लगी आग
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
देहरादून: राहुल गांधी के कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हादसा, कांग्रेस नेता अमर मेहता की मौत
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
'कई लोग आते तो कई जाते हैं', ISRO में इस्तीफों की बाढ़ पर जानें क्या बोले विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
Embed widget