आ गया कमाल का एआई सिस्टम, ड्राइवर का चेहरा देखकर बता सकता है रोड एक्सीडेंट के तीन बड़े कारण
AI Model: ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो ड्राइवर का चेहरा देखकर बता सकता है कि ड्राइवर ने नशा किया है या नहीं. यह मॉडल थकान और गुस्से का भी पता लगा लेता है.

AI Model: रिसर्चर ने एक ऐसा एआई सिस्टम तैयार किया है, जो रोड एक्सीडेंट के तीन बड़े कारणों का पता लगा सकता है. इसके लिए उसे सिर्फ ड्राइवर का चेहरा देखने की जरूरत है. चेहरा देखते ही यह सिस्टम ड्राइवर के शराब के नशे में, थके होने और गुस्से में होने का पता लगा लेगा. ये तीनों ही रोड एक्सीडेंट के बड़े कारणों में शामिल हैं. इनका पता लगाने के लिए इस एआई मॉडल को को न तो ब्रीथ एनलाइजर की जरूरत पड़ेगी और न ही ड्राइवर का कोई ब्लड टेस्ट चाहिए.
एक्यूरेसी के साथ काम करता है मॉडल
ऑस्ट्रेलिया की एडिथ कॉवेन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने यह मॉडल तैयार किया है. इसे 'Jack of Many Faces' नाम दिया है और ड्राइवर के नशे में होने का 90 प्रतिशत और थके होने का 95 प्रतिशत एक्यूरेसी के साथ पता लगा सकता है. मॉडल यह भी बता सकता है कि ड्राइवर ने कितना नशा किया हुआ है. इसी तरह यह ड्राइवर के गुस्से आदि में होने को भी डिटेक्ट कर सकता है. रिसर्चर का कहना है कि ज्यादा थकान होने से भी नशे जैसी स्थिति हो सकती है और गुस्से में सड़क पर हिंसक घटनाएं हो सकती हैं. इन तीनों का पता लगाकर यह मॉडल ड्राइवरों की सेफ्टी के लिए काम करता है.
अंधेरे में भी कर सकता है काम
इस मॉडल का एक और फायदा है कि यह अंधेरे में भी काम कर सकता है. दरअसल, कई स्टैंडर्ट कैमरे कम लाइट वाली कंडीशन में ठीक से काम नहीं कर पाते. इसके लिए यह मॉडल रेगुलर वीडियो को इंफ्रारेड फुटेज के साथ कंबाइन कर देता है, जिससे फेशियल एक्सप्रेशन को डिटेक्ट कर पाना आसान हो जाता है.
इसका फायदा क्या होगा?
ड्राइवर के नशे में होने का पता लगाने के लिए ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट किया जाता है. इसमें ड्राइवर से भी सहयोग चाहिए और कर्मचारियों की भी जरूरत पड़ती है. यह टेक्नोलॉजी इन सारी बाधाओं को दूर कर देती है. यह लगातार बिना किसी ह्यूमन रिसोर्स के काम कर सकती है.
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Source: IOCL

























