एक्सप्लोरर

मशरूम की खेती के लिए युवक का जुनून, बीटीसी की पढ़ाई के बाद नहीं की नौकरी

जिले के अन्य बेरोजगार युवक भी अब मशरूम की खेती करने लगे हैं. वहीं उद्यान विभाग भी युवक की लगन को देखकर अन्य लोगों को भी मशरूम की खेती करने के लिए प्रेरित करने लगे हैं.

कौशांबी: यूपी के कौशांबी के एक छोटे से गांव के रिटायर्ड सेक्रेटरी के बेटे का खेती बाड़ी के प्रति सिर पर ऐसा जुनून चढ़ा कि उसने बीटीसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी नहीं की. बल्कि मशरूम की खेती का प्लान बनाया. मशरूम की खेती कैसे करनी है, खोजबीन में जुट गया. मशरूम की खेती के लिए पिता ने भी उसका साथ दिया. इसके अलावा रेडियो भी पथ प्रदर्शक बना. युवक ने रेडियो में सुनने के बाद मशरूम की खेती करने का निश्चय किया और फिर उत्तराखंड में जाकर इसका प्रशिक्षण भी लिया. वापस आने के बाद उसने मशरूम की खेती करनी शुरू कर दी. इस खेती से उसे बढ़िया मुनाफा हो रहा है. इसे देखकर जिले के अन्य बेरोजगार युवक भी अब मशरूम की खेती करने लगे हैं. वहीं उद्यान विभाग भी युवक की लगन को देखकर अन्य लोगों को भी मशरूम की खेती करने के लिए प्रेरित करने लगे हैं.

सरसवा विकास खंड से सटे शिवरा गांव के कामता प्रसाद सेक्रेटरी के पद पर रहने के बाद रिटायर हो गए हैं. उनके बेटे बुद्ध प्रिय ने भी एमए की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद साल 2012 में बीटीसी की पढ़ाई पूरी की और नौकरी के लिए अप्लाई भी कर दिया. शिक्षक पद के लिए उसका सूची में नाम भी आया. लेकिन उसका रुझान नौकरी की तरफ नहीं जा रहा था. बल्कि खेती बाड़ी की तरफ रुझान बढ़ा. ऐसे में पिता कामता प्रसाद ने उससे पूछा कि अब क्या करना चाहते हो तो उसने बताया खेती बाड़ी करने का प्लान है तो पिता ने मशरूम, स्ट्रॉबेरी सहित अन्य की खेती करने की योजना बताई.

र्मी में खेती के लिए एयर कंडीशनर फार्म होना चाहिए

बुद्ध प्रिय ने मशरूम की खेती की तरफ अपना रुझान बढ़ाया और इस खेती को कैसे करना है, इसके लिए खोजबीन शुरू कर दी. बुद्ध प्रिय ने बताया कि एक दिन वह रेडियो पर खेती बाड़ी के बारे में सुन रहा था तो अचानक से मशरूम की खेती करने की विधि भी बताई जाने लगी. इतना ही नहीं कहां-कहां इसका प्रशिक्षण होता है इसके बारे में भी रेडियो पर ही जानकारी हासिल की. फिर क्या था बुद्ध प्रिय ने उत्तराखंड पहुंचकर मशरूम की खेती के लिए प्रशिक्षण लिया. इसके बाद वह अपने घर वापस आया और फिर बैंक से तकरीबन 5 लाख रुपए निकाला और 6 बिस्सा में खेती करने के लिए मशरूम फार्म बनाया.

किसान बुद्ध प्रिय ने बताया कि मशरूम की खेती करने के लिए सबसे पहले भूसा एकत्रित करना होता है. फिर बांस लाना पड़ता है. बाजार से प्लास्टिक की पॉलीथिन, सड़ी गोबर की खाद, राख लाइट की व्यवस्था, समय-समय पर पानी देने के लिए नलकूप होना चाहिए या फिर छोटा सबमर्सिबल भी काम कर सकता है. मशरूम फार्म के भीतर खेती के लिए बेड (चेम्बर) बनाना पड़ता है, जो 5 से 10 फिट में कम से कम एक दूसरे के ऊपर 5 बेड बनाया जाता है. उसने यह भी बताया कि इसका बीज 120 से 250 रुपए प्रति किलो के हिसाब से मिलता है. 1 महीने तक बीज लगाने के बाद इंतजार करना पड़ता है. फिर इसके फल निकलने लगते हैं. वैसे तो साल के पूरे 12 महीने तक खेती की जा सकती है. लेकिन खेती ठंडी के मौसम में अच्छी होती है, क्योंकि यह 20 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर होता है. गर्मी में खेती के लिए एयर कंडीशनर फार्म होना चाहिए. ठंड़ी के मौसम में खेती करने के लिए सितंबर और अक्टूबर में काम शुरू हो जाता है. मार्च तक खेती होती है.

यह भी पढ़ें-

यूपी: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ डॉल्फिन को पीट पीटकर मार डालने का वीडियो, तीन गिरफ्तार

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण उद्यम तक: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहीं महिलाएं
स्वयं सहायता समूहों से ग्रामीण उद्यम तक: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे रहीं महिलाएं
आगरा: सास के कहने पर बेटे ने मां को सब्जी में दिया जहर, बेटी को भेजने के लिए रखी थी शर्त
आगरा: सास के कहने पर बेटे ने मां को सब्जी में दिया जहर, बेटी को भेजने के लिए रखी थी शर्त
गोरखपुर: ताल रिंग रोड के किनारे सीएम योगी ने किया पौधरोपण, कहा- वनों से ही नदियां रहेंगी सदानीरा
गोरखपुर: ताल रिंग रोड के किनारे सीएम योगी ने किया पौधरोपण, कहा- वनों से ही नदियां रहेंगी सदानीरा
गोरखपुर से CM योगी ने शुरू किया 35 करोड़ पौधरोपण महायज्ञ, बोले- 'PM मोदी ने एक पेड़ मां के नाम...'
गोरखपुर से CM योगी ने शुरू किया 35 करोड़ पौधरोपण महायज्ञ, बोले- 'PM मोदी ने एक पेड़ मां के नाम...'

वीडियोज

Sansani | Crime News : Patna Junction पर सरेआम अपहरण और हत्या!
Special Task S2: Amritsar से Kandhar तक..IC-814 हाईजैक की खौफनाक दास्तान Jagwinder Patial के साथ
Iran US War Update: खत्म हुआ मातम..अब ईरान US पर दागेगा एटम बम? | America | IRGC | Khamenei
Hormuz Strait Deadlock: Qatar-Saudi Arabia के जहाजों पर हमले के बाद भड़के Trump | US - Iran War
Tata Sierra EV AWD drive review: BE6 से बेहतर? #tata #tatasierraev #autolive

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पिता खामेनेई के जनाजे में शामिल हुए थे सुप्रीम लीडर मुज्तबा? 'मिस्ट्रीमैन' के राज से उठा पर्दा
पिता खामेनेई के जनाजे में शामिल हुए थे सुप्रीम लीडर मुज्तबा? 'मिस्ट्रीमैन' के राज से उठा पर्दा
Delhi News: दिल्ली के अलीपुर में हादसा, पानी में डूबने से 2 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत
दिल्ली के अलीपुर में हादसा, पानी में डूबने से 2 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत
'मैंने उन्हें छोड़ा था...', दीपिका पादुकोण को डेटिंग के बयान पर मुजम्मिल इब्राहिम ने तोड़ी चुप्पी, दी सफाई
'मैंने उन्हें छोड़ा था...', दीपिका पादुकोण को डेटिंग के बयान पर मुजम्मिल इब्राहिम ने तोड़ी चुप्पी, दी सफाई
'शराब पार्टी सब करो...', भारत से टी20 सीरीज जीतने के बाद ब्रेंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों को दी खुली छूट
'शराब पार्टी सब करो...', भारत से टी20 सीरीज जीतने के बाद ब्रेंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों को दी खुली छूट
'मौत से चंद घंटे से पहले लिंडसे ने मुझसे की थी बात,' करीबी US सीनेटर की मौत पर ट्रंप का बड़ा खुलासा
'मौत से चंद घंटे से पहले लिंडसे ने मुझसे की थी बात,' करीबी US सीनेटर की मौत पर ट्रंप का बड़ा खुलासा
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
कश्मीर ही नहीं आपके खेत में भी हो सकती है केसर की खेती, जान लीजिए तरीका
परिवार है या जिला? इस घर में रहते हैं 83 लोग, 6 पीढ़ियां एक साथ बनाती है खाना- वीडियो वायरल
परिवार है या जिला? इस घर में रहते हैं 83 लोग, 6 पीढ़ियां एक साथ बनाती है खाना- वीडियो वायरल
जिन्होंने दिलाई बालेन शाह को सत्ता अब वही खींच रहे कुर्सी, नेपाल में फिर सड़कों पर उतरा Gen-Z
जिन्होंने दिलाई बालेन शाह को सत्ता अब वही खींच रहे कुर्सी, नेपाल में फिर सड़कों पर उतरा Gen-Z
Embed widget