गोरखपुर से CM योगी ने शुरू किया 35 करोड़ पौधरोपण महायज्ञ, बोले- 'PM मोदी ने एक पेड़ मां के नाम...'
UP Plantation Drive 2026: गोरखपुर से CM योगी ने 35 करोड़ पौधरोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ किया. 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से पौधे लगाने की अपील की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (12 जुलाई) सुबह गोरखपुर से एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य वाले प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ किया. 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के पास पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद) का पौधा लगाया और उसके साथ सेल्फी भी ली. इसके बाद मुख्यमंत्री गीडा सेक्टर-28 में आयोजित जनसभा में पहुंचे और लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. लौटते समय उन्होंने आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड किनारे मौलश्री का पौधा भी लगाया.
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार हुआ है. एक्सप्रेसवे, हाईवे, नई सड़कें, उद्योग और नई कॉलोनियां विकसित हुई हैं. उन्होंने कहा कि भौतिक विकास के साथ-साथ प्रदेश ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है.
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मुख्यमंत्री ने बताया कि धरती पर लगाया गया एक पेड़ सैकड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है. उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण और 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ है.
'धरती माता के प्रति कृतज्ञता का महायज्ञ'
सीएम योगी ने पौधरोपण महाभियान को धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का महायज्ञ बताया. उन्होंने कहा कि धरती माता हमें अच्छा वातावरण, अन्न, फल, जल और जीवन की हर जरूरी चीज उपलब्ध कराती हैं. उन्होंने ऋषियों के कथन 'माता भूमिः पुत्रो अहं पृथिव्या:' का उल्लेख करते हुए कहा कि धरती हमारी माता है और हम सब उसके पुत्र हैं.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का आह्वान इसी भावना के साथ किया है. यह केवल पौधा लगाने का अभियान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने का राष्ट्रीय कर्तव्य है.
'धरती माता की आरोग्यता का भी रखें ध्यान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति अपने स्वास्थ्य की चिंता करता है, लेकिन सब कुछ देने वाली धरती माता के स्वास्थ्य की परवाह नहीं करता. उन्होंने कहा कि अगर हमें खुद स्वस्थ रहना है तो धरती माता की आरोग्यता का भी ध्यान रखना होगा. उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ते हुए लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की.
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 करोड़ पौधे लगाए गए थे. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी प्रदेश में 35 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया था. वहीं, पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं.
सीएम योगी ने कहा कि पर्यावरण असंतुलन का असर मौसम चक्र पर साफ दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष बारिश 15 जून की बजाय करीब एक महीने की देरी से शुरू हुई. उन्होंने कहा कि जो बीज 15 जून तक बोया जाना चाहिए, अगर उसे 15 जुलाई तक बोया जाए तो उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है.
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उन्होंने कहा कि पर्यावरण असंतुलन की वजह से कभी अत्यधिक गर्मी तो कभी कड़ाके की सर्दी देखने को मिल रही है. दुनिया लगातार ग्लोबल वार्मिंग की चेतावनी दे रही है और भविष्य में समुद्र किनारे बसे कई शहरों के डूबने तथा जल संकट बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
'प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत दुनिया चुका रही है'
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई शहरों में सर्दियों के दौरान गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है, जहां बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति इसलिए पैदा हुई क्योंकि प्रकृति के साथ लगातार खिलवाड़ किया गया.
उन्होंने कहा, "अंधाधुंध पेड़ काटे गए. जल का दोहन किया गया लेकिन जल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं हुआ. तालाबों पर अवैध कब्जे हो गए. अपने स्वार्थ के लिए लोगों ने प्रकृति के साथ जो खिलवाड़ किया है, आज उसकी कीमत विश्व मानवता को चुकानी पड़ रही है."
एलईडी और सोलर ऊर्जा का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हैलोजन स्ट्रीट लाइट हटाकर 16 लाख एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं. इससे सरकार को 100 करोड़ रुपये की बचत हुई और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचा.
उन्होंने कहा कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा को लगातार बढ़ावा दे रही है. पीएम सूर्य घर बिजली योजना लोगों के बिजली बिल को कम करने में मदद कर रही है. उन्होंने बताया कि अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है, जहां स्ट्रीट लाइटों में सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल हो रहा है.
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अकेले उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है, जिससे महिलाओं को धुएं से राहत मिली.
मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं बल्कि उनकी देखभाल भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने अपने खेतों में पौधे लगाए हैं, उन्हें कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत आर्थिक लाभ भी दिया जा रहा है.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा' नामक लघु फिल्म और 'वानिकी कैलेंडर 2026-27' का विमोचन किया. उन्होंने पौधों का वितरण भी किया और कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत बेहतर पौधरोपण करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र सौंपे. मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थियों को घर के सामने लगाने के लिए सहजन के पौधे भी दिए गए.
वन मंत्री और रवि किशन ने भी की सराहना
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ग्रीनरी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीनरी बढ़ाने के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है.
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सांसद रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर बेहद संवेदनशील हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों क्षेत्रों में अभूतपूर्व काम हुआ है. वहीं सहजनवा विधायक प्रदीप शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नौ वर्षों में प्रदेश में जितना विकास हुआ है, वह सौ वर्षों में भी संभव नहीं था.




















