उत्तराखंड का मौसम खुशमिजाज, हल्की धूप ने दी ठंड से राहत, मतगणना के दिन भी रहेगा साफ आसमान
उत्तराखंड में मौसम में इस समय पहाड़ी और मैदानी इलाकों में ठंड का असर कम है. लोगों ने निकाय चुनावों में अपनी भागीदारी निभाई. अब मौसम विशेषज्ञों ने मतगणना वाले दिन भी मौसम के साफ रहने की बात कही है.

Uttarakhand Weather News: उत्तराखंड में हल्की धूप और शुष्क मौसम ने प्रदेशवासियों को ठंड से राहत दी है. निकाय चुनाव के दिन भी मौसम ने पूरा साथ दिया. जिसके कारण मैदान से लेकर पहाड़ तक लोग घरों से बाहर निकलकर मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सके. मौसम विभाग के अनुसार, 25 जनवरी को मतगणना के दिन भी आसमान साफ रहने के आसार हैं. ऐसे में प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को जश्न मनाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन प्रदेशभर में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. मैदानों से लेकर पहाड़ों तक धूप खिली रही, जिससे ठंड का असर कम हुआ. मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया, जो मौसम को और सुहावना बना रहा. देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 23.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री बढ़कर 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा. तापमान में इस बढ़ोतरी के चलते लोगों को रात में भी सर्दी से राहत मिली.
मतगणना वाले दिन मौसम के साफ रहने की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, 25 जनवरी को मतगणना के दिन प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा. आसमान साफ रहने से न केवल प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को जश्न मनाने में सहूलियत होगी, बल्कि जनता के लिए भी मौसम अनुकूल रहेगा. इसके अलावा, 27 जनवरी तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार प्रदेश में विंटर बारिश में कमी देखने को मिली है. इसके अलावा, मौसम के बदलते पैटर्न के कारण तापमान में बढ़ोतरी और बारिश की कमी जैसी स्थितियां सामने आ रही हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जरूर जताई गई थी, लेकिन अब तक प्रदेशभर में बारिश नहीं हुई.
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी शुष्क मौसम का सिलसिला जारी रहेगा. इसका असर पहाड़ी और मैदानी इलाकों दोनों पर दिखाई दे रहा है. दिन के समय धूप खिलने से लोग ठंड से राहत महसूस कर रहे हैं, जबकि रात का तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है. निकाय चुनाव के दौरान प्रदेशभर में साफ मौसम रहने से मतदाता उत्साहपूर्वक घरों से बाहर निकले. मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं. मौसम के इस सहयोग ने न केवल मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाया, बल्कि चुनाव आयोग और प्रशासन को भी राहत दी.
मौसम में आए बदलावों ने विशेषज्ञों की चिंता बढ़ाई
अब जब 25 जनवरी को मतगणना होनी है, तो साफ मौसम प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है. जीत का जश्न मनाने के लिए अनुकूल मौसम उनके उत्साह को और बढ़ाएगा. हालांकि, मौसम में आए इस बदलाव ने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है. सर्दियों में बारिश की कमी और सामान्य से अधिक तापमान जलवायु परिवर्तन का संकेत है. उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए यह एक गंभीर समस्या बन सकती है. विंटर बारिश में कमी का असर जल संसाधनों और कृषि पर भी पड़ सकता है.
शुष्क मौसम और हल्की धूप ने जहां ठंड से राहत दी है, वहीं लोगों के लिए यह सुकून भरा बदलाव है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ठंड के दिनों में इस तरह का मौसम जीवन को आसान बनाता है. किसान भी इस मौसम को फसलों के लिए अनुकूल मान रहे हैं. मौसम विभाग ने लोगों को साफ मौसम का आनंद लेने के साथ-साथ सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के पैटर्न को समझने और उसके प्रभावों से निपटने के लिए जागरूकता जरूरी है. उत्तराखंड में हल्की धूप और शुष्क मौसम ने ठंड से राहत देकर जनता को सुकून भरा माहौल दिया है. मतगणना के दिन भी साफ आसमान की भविष्यवाणी ने प्रत्याशियों और समर्थकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है.
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Source: IOCL























