उत्तराखंड: महंगी हुई बिजली, नई दरों से आम जनता पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ, जानें-अब क्या हैं नए रेट?
Uttarakhand Electricity Rates: ऊर्जा विभाग के अनुसार बढ़ती उत्पादन लागत और प्रणाली की मजबूती के लिए दरों में संशोधन जरूरी था.

Uttarakhand Electricity Rates: उत्तराखंड की जनता के लिए शुक्रवार को एक और महंगाई की मार लेकर आया है. ऊर्जा विभाग ने बिजली की दरों में सीधी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में की गई इस वृद्धि से खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों की परेशानियां बढ़ने की आशंका है.
नई दरों के मुताबिक, अब 100 यूनिट तक बिजली की दर ₹3.40 से बढ़ाकर ₹3.65 प्रति यूनिट कर दी गई है. वहीं, 101 से 200 यूनिट खपत पर उपभोक्ताओं को अब ₹4.90 की जगह ₹5.25 प्रति यूनिट चुकाने होंगे. 201 से 400 यूनिट बिजली की खपत पर पहले जहां ₹6.70 प्रति यूनिट देना होता था, वहीं अब ये दर बढ़कर ₹7.15 हो गई है. 400 यूनिट से ऊपर खपत करने वालों को अब ₹7.35 की जगह ₹7.80 प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होगा.
इस बढ़ोतरी को लेकर आम जनता में नाराजगी देखी जा रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले ही रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की ज़रूरतों की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. ऐसे में बिजली की दरें बढ़ाना आम आदमी पर दोहरी मार जैसा है.
सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग
छोटे व्यवसायियों ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि बिजली का खर्च उनके मुनाफे को प्रभावित करेगा और इससे उत्पादों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा. कई व्यापार मंडलों ने इस वृद्धि को अव्यावहारिक बताया और सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.
ऊर्जा विभाग का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और प्रणाली की मजबूती के लिए दरों में संशोधन जरूरी था. विभाग के अनुसार, नई दरें राज्य विद्युत नियामक आयोग की स्वीकृति के बाद लागू की गई हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में लगातार बढ़ती महंगाई और बिजली की लागत से आम जीवन पर प्रभाव और गहराएगा. फिलहाल सरकार की ओर से कोई राहत पैकेज या सब्सिडी की घोषणा नहीं की गई है.
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