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ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का भारत में प्रदर्शन सही या गलत? बृज भूषण शरण सिंह का बड़ा बयान

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि दुनिया बहुत बड़ी है, लेकिन अब बहुत छोटी हो चुकी है. एक घटना का असर दूसरी घटनाओं पर पड़ता है.

पूर्व बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने ईरान-इजारायल और अमेरिका के बीच जारी जंग पर गहरी चिता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में युद्ध अच्छा नहीं, भारत और हमारे प्रधानमंत्री भी बातचीत से मसले को हल करने की अपील कर रहे हैं. बृजभूषण शरण सिंह ने यह बयान उत्तर प्रदेश के गोंडा में दिया है. यहां उन्होंने थारु जन जाति के बच्चों के साथ होली खेली और उन्हें उपहार दिए.

पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर पूर्व सांसद ने कहा कि यह पहली बार है जब इतने सारे देश इस तरह के संघर्ष में शामिल हैं, जिससे स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी है. उन्होंने मिल रहे समाचारों, हमलों और हत्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा भारत इस बात को लेकर चिंतित है और सरकार भी इस पर नजर बनाए हुए है. सिंह ने युद्ध समाप्त कर बातचीत का रास्ता खोलने की वकालत की, क्योंकि जो कुछ भी हो रहा है. यह अच्छा नहीं है.

शिया समुदाय के आक्रोश को सही ठहराया 

बृजभूषण शरण सिंह ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि इस पर कह लीजिए कि हिंदुस्तान भी दो खेमे में बंटा हुआ है. अभी ईरान में जिनकी हत्या हुई है, अब उनके सजातीय या उन धर्म को मानने वाले लोग हिंदुस्तान में हैं, तो उनकी भावना को ठेस पहुंची है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. और इस कारण से जहां-जहां पर शिया समुदाय के लोग हैं, वो अपना आक्रोश प्रकट कर रहे हैं, अपना दुःख प्रकट कर रहे हैं. 

बाचतीत का रास्ता ही एकमात्र विकल्प है 

इस युद्ध के आगे की दिशा को लेकर बृजभूषण ने कहा, देखिए, बातचीत का ही रास्ता सबको अपनाना पड़ेगा. अब तब तक कितना बड़ा विनाश हो जाता है, कितना बड़ा नुकसान हो जाता है. दुनिया के तमाम ऐसे देश, जो बहुत सुरक्षित माने जाते थे, आज वहां भी एक तरह से खलबली मची हुई है. आज भारत के भी तमाम लोग, जैसे खाड़ी के देशों में बहुत बड़ी संख्या में हमारे लोग रह रहे हैं. ऐसा नहीं है कि केवल मुसलमानों की ही संख्या है, हर समाज और हर जाति के लोग वहाँ काम कर रहे हैं. आज वे सभी वहां परेशान हैं और उनके परिवार यहां परेशान हैं.

आधी दुनिया युद्ध से परेशान 

उन्होंने कहा कि आधी दुनिया तो पहले ही परेशान हो चुली है, दुनिया को  यही मालूम था कि इज़राइल एक-दो दिन के अंदर ही सब कुछ समाप्त कर देगा, लेकिन स्थिति वैसी नही रही. इन जिन देशों पर हमला कर रहा है, वे सब अमेरिका के मित्र देश हैं, अब जब अमेरिका उनका कुछ नहीं कर पा रहा है, तो हालात और जटिल हो गए हैं, इसमें भारत भी अछूता नहीं है. कोई ऐसा देश नहीं बचा है जहां हमारे लोग प्रभावित न हों. हमारी रेसलिंग टीम भी एक देश में फंस गई है, संभवतः कल तक वे वापस आ जाएं.

दुनिया छोटी-बातचीत से हल निकले 

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि दुनिया बहुत बड़ी है, लेकिन अब बहुत छोटी हो चुकी है. एक घटना का असर दूसरी घटनाओं पर पड़ता है. शेयर बाज़ार की स्थिति देख लीजिए-कल क्या हुआ, कैसे उतार-चढ़ाव आए. कहीं भी कुछ भी होता है, तो उसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है. हमारा देश भी यही चाहता है. हमारे प्रधानमंत्री भी यही चाहते हैं और देश की भावना भी यही है कि बातचीत का रास्ता शुरू हो, क्योंकि युद्ध कोई समाधान नहीं है.

कृष्ण कुमार साल 2013 से एबीपी न्यूज़ से जुड़े हैं. गोंडा में जिला संवाददाता के तौर पर काम कर रहे हैं. गोंडा की राजनीति, अपराध और अन्य बड़ी खबरों पर नजर रखते हैं. कृष्ण कुमार ने अवध यूनिवर्सिटी फैजाबाद से पत्रकारिता की पढ़ाई की और गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं. एबीपी से जुड़ने से पहले कृष्ण कुमार ने अन्य चैनलों में भी काम किया है.

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