चारधाम यात्रा में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों की अब खैर नहीं, ANPR कैमरों से कटेगा ई-चालान
Uttarakhand News: बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों और कमर्शियल वाहनों को चेक पोस्ट पर जाम या लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े, इसके लिए परिवहन विभाग ने खास तैयारियां की हैं.

चारधाम यात्रा शुरू होने में अब एक महीने से भी कम समय बचा है. इसे देखते हुए परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इस बार यात्रा मार्गों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी.
इन कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहनों का सीधे ऑनलाइन चालान कटेगा और गाड़ी मालिक के मोबाइल पर तुरंत मैसेज पहुंच जाएगा. तय समय पर चालान नहीं भरने वालों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी. फिलहाल, किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से बचने के लिए यात्रा मार्गों और चेक पोस्ट पर लगे इन कैमरों की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है.
गाड़ी अनफिट तो नहीं मिलेगी एंट्री
आरटीओ प्रशासन ने सभी एआरटीओ को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर किसी वाहन के सभी दस्तावेज (कागजात) पूरे हैं, लेकिन तकनीकी रूप से गाड़ी अनफिट पाई जाती है, तो उसे यात्रा मार्ग पर जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं मिलेगी. खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले कमर्शियल वाहनों की कड़ी तकनीकी जांच की जाएगी ताकि यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े.
चेक पोस्ट पर नहीं करना होगा लंबा इंतजार
बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों और कमर्शियल वाहनों को चेक पोस्ट पर जाम या लंबे इंतजार का सामना न करना पड़े, इसके लिए परिवहन विभाग ने खास तैयारियां की हैं. राज्य की सीमाओं पर बने चेक पोस्ट पर ANPR कैमरे, प्रवर्तन दल, बाइक स्क्वॉड और एल्कोहल मीटर (ब्रेथ एनालाइजर) से लैस विशेष टीमें गठित की जाएंगी. कमर्शियल वाहनों की जांच के लिए अलग टीम होगी, ताकि यात्रियों का समय बचे. यात्रा मार्गों पर चलने वाले चालकों की किसी भी तात्कालिक समस्या के तुरंत समाधान के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी तैयार किया जाएगा.
अधिकारी बोले- सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने कहा कि, यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की ANPR कैमरे से सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी. वाहन के दस्तावेज पूरे होने के बाद भी यदि वाहन तकनीकी रूप से अनफिट पाया जाता है तो यात्रा मार्ग पर उसके संचालन पर रोक लगाई जाएगी. जिससे यात्रियों की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो सके.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL




























