Meerut News: CITS परीक्षा में सर्वर ठप होने पर छात्रों ने किया हंगामा, वैकल्पिक एग्जाम की उठाई मांग
Meerut News In Hindi: मेरठ के जेपी कॉलेज में आयोजित CITS और ऑल इंडिया कॉमन एंट्रेंस टेस्ट में तकनीकी खामी के कारण भारी अव्यवस्था हुई, जिस वजह से छात्रों ने जमकर हंगामा किया.

मेरठ के जेपी कॉलेज में रविवार (31 मई) को आयोजित CITS (Craft Instructor Training Scheme) ऑल इंडिया कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (AICET-2026) के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली. तकनीकी खामी के कारण सैकड़ों अभ्यर्थी निर्धारित समय पर परीक्षा नहीं दे सके, जिसके बाद कॉलेज परिसर में छात्रों ने जमकर हंगामा किया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह छात्रों को शांत कराया.
'केंद्र पर परीक्षा जैसी कोई व्यवस्था नहीं दी दिखाई'- छात्र
छात्रों के अनुसार परीक्षा की तीसरी शिफ्ट शाम 4 बजे शुरू होनी थी और उन्हें 3:30 बजे तक केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे. अधिकांश अभ्यर्थी समय से केंद्र पर पहुंच गए थे, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हो सकी. छात्रों का आरोप है कि केंद्र पर परीक्षा जैसी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही थी. न तो समुचित जांच की व्यवस्था थी और न ही बैठने की स्पष्ट व्यवस्था. अभ्यर्थियों को केवल यह कहकर कंप्यूटरों पर बैठा दिया गया कि किसी भी सिस्टम पर जाकर बैठ जाएं.
छात्रों ने बताया कि शाम 7:30 बजे तक भी अधिकांश अभ्यर्थियों की परीक्षा शुरू नहीं हो पाई. इस दौरान परीक्षा प्रबंधन की ओर से केवल यह जानकारी दी जाती रही कि सर्वर और तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा आयोजित नहीं हो पा रही है.
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लंबे इंतजार के बाद भी केवल दो छात्रों की परीक्षा हो सकी
बताया गया कि केंद्र पर परीक्षा तीन शिफ्टों में आयोजित की जानी थी. तीसरी शिफ्ट के अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद भी केवल दो छात्रों की परीक्षा हो सकी, जबकि बाकी सभी को सर्वर डाउन होने की बात कहकर इंतजार कराया जाता रहा. इससे छात्रों के मन में यह सवाल भी उठने लगा कि क्या पहले की शिफ्टों में परीक्षा सुचारु रूप से हुई थी या वहां भी इसी तरह की समस्याएं रहीं.
एबीपी न्यूज से बातचीत में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े एक व्यक्ति ने स्वीकार किया कि तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी. उनके अनुसार शाम करीब 6:30 बजे तकनीकी खामी दूर कर ली गई थी और छात्रों को परीक्षा देने के लिए बुलाया भी गया, लेकिन तब तक अधिकांश छात्र केंद्र के बाहर एकत्र हो चुके थे और उन्हें परीक्षा की निष्पक्षता तथा व्यवस्था पर भरोसा नहीं रह गया था.
छात्रों का आरोप है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि परीक्षा कब होगी, कैसे होगी और जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा नहीं हो पाई, उनके लिए आगे क्या व्यवस्था की जाएगी. कई छात्र 200 से 300 किलोमीटर दूर से मेरठ परीक्षा देने पहुंचे थे, जिन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
परीक्षा केंद्र पर पहले से तकनीकी-प्रशासनिक तैयारियां क्यों नहीं?
गौरतलब है कि CITS (Craft Instructor Training Scheme) आईटीआई प्रशिक्षक (Instructor) और विभिन्न तकनीकी प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षक बनने के लिए आवश्यक प्रवेश परीक्षा है. इस प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद ही अभ्यर्थी आगे की प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल हो पाते हैं. ऐसे में परीक्षा केंद्र पर हुई अव्यवस्था और तकनीकी खामियों ने सैकड़ों छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सैकड़ों अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोजित की जानी थी, तो परीक्षा केंद्र पर पहले से पर्याप्त तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां क्यों नहीं की गईं? छात्रों ने मांग की है कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा नहीं हो सकी, उनके लिए जल्द से जल्द वैकल्पिक परीक्षा की व्यवस्था की जाए और पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
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Source: IOCL
























