उत्तराखंड में बीजेपी के प्रदेश प्रभारी के खिलाफ कौन रच रहा षड्यंत्र? गृह सचिव को लिखा पत्र
Uttarakhand News: उत्तराखंड बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने उत्तराखंड शासन के गृह सचिव को पत्र भेजकर अपने खिलाफ सुनियोजित आपराधिक साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है.

उत्तराखंड में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए कथित तौर पर झूठे व भ्रामक कंटेंट फैलाने का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है. इस बार मामला बीजेपी के प्रदेश प्रभारी से जुड़ा है, जिन्होंने उत्तराखंड शासन के गृह सचिव को पत्र भेजकर अपने खिलाफ सुनियोजित आपराधिक साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है.
पत्र में कहा गया है कि उनके नाम से एक फर्जी ऑडियो रिकॉर्डिंग को मीडिया और सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर जानबूझकर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है.
योजनाबद्ध तरीके फर्जी ऑडियो तैयार की गई वायरल
गृह सचिव को भेजे गए पत्र में बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने स्वयं को देशभर में एक प्रतिष्ठित सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता बताते हुए कहा है कि हाल के दिनों में कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्वों ने मिलकर एक झूठी, मनगढ़ंत और फर्जी ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की. आरोप है कि इस ऑडियो को योजनाबद्ध तरीके से मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल किया गया, ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके. उन्होंने इसे एक सोची-समझी आपराधिक साजिश करार दिया है.
पत्र में कुछ मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया पेज का उल्लेख
पत्र में उन फेसबुक/मेटा आईडी, डिजिटल न्यूज पोर्टल, यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम हैंडल और ट्विटर (एक्स) अकाउंट्स की विस्तृत सूची भी संलग्न की गई है, जिन पर कथित रूप से यह आपत्तिजनक और झूठा कंटेंट प्रसारित किया गया या अब भी किया जा रहा है. सूची में कुछ व्यक्तियों के नामों के साथ-साथ कई डिजिटल मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया पेजों का भी उल्लेख है. आरोप है कि इन सभी प्लेटफॉर्म्स ने तथ्यों की पुष्टि किए बिना फर्जी ऑडियो और उससे जुड़े आरोपों को प्रसारित किया.
ऐसे कंटेंट से उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को पहुंचा नुकसान
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह कंटेंट न सिर्फ पूरी तरह झूठा है, बल्कि दुर्भावनापूर्ण इरादे से तैयार किया गया है. ऐसे कंटेंट से उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और समाज में भ्रम व गलत संदेश फैल रहा है. उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था और मीडिया की जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय बताया है.
सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को हटाने की मांग
गृह सचिव से मांग की गई है कि जिन मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह सामग्री प्रसारित हुई है, उन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए जाएं और भविष्य में इस तरह के कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाई जाए. साथ ही पूरे मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है. पत्र के साथ एक पेन ड्राइव भी संलग्न की गई है, जिसमें कथित आपत्तिजनक कंटेंट को सबूत के तौर पर रखा गया है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शासन-प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है.
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Source: IOCL





















