उत्तराखंड में BJP विधायकों की अग्निपरीक्षा! इनका कट सकता है टिकट, पार्टी ने शुरू किया आंतरिक सर्वे
Uttarakhand Assembly Election: बीजेपी ने चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और जमीनी हकीकत परखने के लिए अपने विधायकों के कामकाज का आंतरिक सर्वे शुरू किया है.

उत्तराखंड में साल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से पार्टी ने राज्यभर में अपने विधायकों के कामकाज का आंतरिक सर्वे शुरू किया है. इस सर्वे को आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण से जोड़कर देखा जा रहा है.
पार्टी की ओर से यह सर्वे तीन चरणों में कराया जा रहा है. सर्वे के दौरान विधायकों की अपने निर्वाचन क्षेत्र में सक्रियता, जनता के बीच उनकी उपलब्धता, सरकार की योजनाओं का लाभ कितनी प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचा, स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ उनका तालमेल तथा दोबारा चुनाव जीतने की क्षमता जैसे बिंदुओं पर फीडबैक लिया जा रहा है.
सर्वे में आम जनता के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन की राय को भी अहम माना जा रहा है. संकेत साफ हैं कि जिन विधायकों का प्रदर्शन कमजोर पाया जाएगा, उनका टिकट कट सकता है.
बीजेपी विधायकों के कामकाज का सर्वे
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पिछले एक दशक में पार्टी ने उत्तराखंड में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है. लोकसभा चुनावों में सभी सीटों पर जीत, विधानसभा चुनावों में बहुमत और हालिया निकाय व पंचायत चुनावों में मिली सफलता ने पार्टी की स्थिति को मजबूत किया है. इसके बावजूद पार्टी किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है और समय रहते कमजोर कड़ियों को चिन्हित करना चाहती है.
रेड जोन वाले विधायकों पर विशेष नजर
सूत्रों के मुताबिक, सर्वे में जिन विधायकों को ‘रेड जोन’ में रखा जाएगा, उन पर विशेष नजर रहेगी. ऐसे विधायक जिनके खिलाफ क्षेत्र में नाराजगी, निष्क्रियता या संगठन से दूरी की शिकायतें मिल रही हैं, उनके टिकट पर पुनर्विचार किया जा सकता है. पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि अब सिर्फ पद या वरिष्ठता के आधार पर टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि प्रदर्शन ही मुख्य पैमाना होगा.
पार्टी नेतृत्व का कहना है कि चुनावी सर्वे पूरी तरह संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति का हिस्सा है. जनता के बीच जनप्रतिनिधियों की स्वीकार्यता, कार्यकर्ताओं से समन्वय और सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने की क्षमता को प्राथमिकता दी जा रही है. आने वाले समय में टिकट वितरण में यही सर्वे अहम भूमिका निभाएगा.
कुल मिलाकर, मिशन 2027 के तहत भाजपा ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में चुनावी सफलता को बरकरार रखने के लिए अपने ही विधायकों की कड़ी परीक्षा ली जाएगी. यह प्रक्रिया जहां संगठन को मजबूत करेगी, वहीं विधायकों पर भी जनता के बीच बेहतर काम करने का दबाव बढ़ाएगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL



























