चीनी मिल घोटाला बढ़ा सकता है मायावती की मुश्किलें, ED ने कसा शिकंजा
यूपी चीनी मिल घोटाले मामले में बीएसपी सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें बढ़ सकता है। इस मामले में ईडी ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

लखनऊ, एबीपी गंगा। लोकसभा चुनाव के बीच चीनी मिल घोटाला बीएसपी सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें बढ़ा सकता है। उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के कार्यकाल के दौरान बेची गईं चीनी मिलों का मामला अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के दायरे में भी आ गया है। अब इस मामले में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल पर जांच शुरू करेगा। दरअसल, इस मामले में जांच कर रही सीबीआई को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दस्तावेज मिले थे, जिसे सीबीआई ने ईडी को सौंप दिए गए हैं। साथ ही, एफआईआर कॉपी व अन्य दस्तावेज भी ईडी को सौंप दिए गए हैं।
जानें क्या है चीनी मिल घोटाला
चीनी मिल घोटाला मायावती के शासनकाल से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि यूपी में साल 2010-11 में 21 चीनी मिलों को गलत तरीके से बेचा गया। इस घोटाले के कारण प्रदेश सरकार को 1,179 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ था। अब ईडी ने भी इस मामले में शिंकजा कसने की तैयारी कर ली है। ये आरोप लगाया जा रहा है कि तत्कालीन सरकार ने नम्रता मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी बैलेंस शीट और निवेश के फर्जी कागजातों के आधार पर नीलामी में शामिल होने के लिए योग्य मान लिया गया। जिसके चलते ज्यादातर चीनी मिल इस कंपनी को कम दामों में बेच दी गईं। बता दें कि जिस वक्त चीनी मिलें नम्रता कंपनी को बेची गई, तब प्रदेश में मायावती की सरकार थी।

2018 में योगी सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की
2017 में प्रदेश में बीजेपी सरकार आने के एक साल बाद अप्रैल 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मिल बेचे जाने के केस की सीबीआई जांच करने की सिफारिश की। जिसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में ही इस मामले में गड़बड़ियों की बात सामने आई थी। आरोप है कि चीनी मिलों की गलत ढंग से की गई बिक्री की वजह से प्रदेश सरकार को 1,179 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ था। सीबीआई जांच में ही ये बात भी सामने आई कि ये मामला मनी लॉन्ड्रिंग का भी है। जिसके बाद ईडी ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि ऐसे में संभव है कि प्रवर्तन निदेशालय इस घोटालों से जुड़े आरोपियों से एक बार फिर से पूछताछ कर सकती है। इस जांच की आंच मायवती तक पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है।
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Source: IOCL



























