Etah News: एटा में बाघ ने नाबालिग को बुरी तरह किया घायल, प्रशासन ने 'ऑपरेशन टाइगर' चलाकर ऐसे किया काबू
Etah: एटा जनपद के कोतवाली देहात के एक गांव नगला समल में आज एक आदमखोर बाघ के अचानक घुस आने से गांव और आस पास के लोग दहशत में आ गए.

UP News: एटा जनपद के कोतवाली देहात के एक गांव नगला समल में आज एक आदमखोर बाघ के अचानक घुस आने से गांव और आस पास के लोग दहशत में आ गए. आज सुबह ही इस बाघ ने गांव के एक 12 साल के लड़के हमला करके घायल कर दिया. उस समय वो लड़का शौच के लिए जा रहा था. ग्रामीणों ने बमुश्किल लड़के को बाघ के चुंगल से छुड़ाया. इस बीच बाघ ने लड़के की जांघ को फाड़ डाला. लड़के को गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए रेफर किया गया है.
कैसे पड़ा गया बाघ
बाघ के आने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को दी. उसके बाद सुबह सात बजे से गांव में आपरेशन टाइगर शुरू हुआ. साढ़े आठ घंटे के आपरेशन के बाद कई जिलों की टीम के संयुक्त प्रयासों से बाघ को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश करने के बाद पकड़कर इलाज के लिए ले जाया गया. इस दौरान गांव और आस पास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग टाइगर को देखने के लिए जमे रहे.
किसने किया ऑपरेशन टाइगर
इधर बाघ को जिंदा पकड़ने के लिए आपरेशन टाइगर अलीगढ़ मंडल की फारेस्ट कंजरवेटर अदिति शर्मा के नेतृत्व में सुबह सात बजे से चलाया गया. इस दौरान आगरा और लायन सफारी इटावा, मेरठ से टाइगर पकड़ने के लिए क्विक रेस्पॉन्स टीमें बुलायीं गई और पशुओं के डॉक्टर भी बुलाये गए. क्विक रेस्पॉन्स टीम ने ट्रेंकुलाइजर गन के माध्यम से टाइगर को बेहोश करने के लिए गन से बेहोश करने के इंजेक्शन देकर जिंदा पकड़ा.
कहां बैठा था बाघ
लायन सफारी इटावा और आगरा से आई क्विक रेस्पॉन्स टीम ने टाइगर को ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश करने के बाद बाघ को जिंदा पकड़ा. सबसे पहले सुबह टाइगर एक भूसे की कोठरी की छत पर टीन के ऊपर बैठा था. जैसे ही फारेस्ट वीभग की टीम ने उसे गन से ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश की तो बाघ ने कई बार स्थान बदल दिया. जिससे फारेस्ट विभाग की टीम को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. उसके बाद भूसे की कोठरी में बाघ छिप गया तो कोठरी की दीवार में सूराख कर उससे गन के माध्यम से बाघ को बेहोश करने के तीन इंजेक्शन दिए गए. इस बीच ड्रोन कैमरे से भी बाघ की लोकेशन पर नजर रखी जा रही थी. इस दौरान हजारों लोगों की भीड़ टाइगर को देखने को इकठ्ठी हो गयी थी. जिसकी वजह से आपरेशन में भी दिक्कतें आ रहीं थी.
कहां हुआ इलाज
बाद में जब बाघ बेहोश हो गया तो उसके स्ट्रैचर में डालकर एम्बुलेन्स से इलाज के लिए एटा के वन विभाग कार्यलय ले जाया गया. जहां इलाज करके उसको फिर से होश में लाया गया और वन विभाग एटा में इलाज के दौरान होश में आ जाने के बाद इस टाइगर को अब इटावा के लायन सफारी में ले जाया जा रहा है. जहां इसको रखा जाएगा. बाघ का इलाज लायन सफारी इटावा के डॉक्टर सर्वेश कुमार, डिप्टी डायरेक्टर वाइल्ड लाइफ मेरठ और प्रसिद्ध वेटरनरी डॉक्टर आर के सिंह और डॉ0 इलिया राजा वाइल्ड लाइफ एसओएस आगरा ने किया. बाघ अब पूरी तरह से स्वास्थ्य है.
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