जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों की फर्जी वेबसाइट चलाने वाले गैंग का भंडाफोड़, यूपी STF ने दो शातिर किए गिरफ्तार
UP News: पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक के जरिए फर्जी पोर्टल बनाने वालों से संपर्क करते थे और फिर विभिन्न फेसबुक ग्रुपों में अपने नंबर डालकर प्रचार करते थे.

Bareilly News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी वेबसाइट और पोर्टल के जरिए नकली जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर लोगों को ठग रहे थे. गिरफ्तार दोनों आरोपी बरेली जिले के रहने वाले हैं और इंटरनेटी तौर पर सक्रिय होकर पूरे देश में यह गोरखधंधा चला रहे थे.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम देव सिंह और रवि सिंह हैं, जो ग्राम खेड़ा, थाना भमोरा, बरेली के रहने वाले हैं. इनकी गिरफ्तारी 06 मई 2025 को शाम 7 बजे बरेली के देवचरा कस्बे में एक साइबर कैफे से हुई. मौके से STF ने 2 लैपटॉप, 3 मोबाइल फोन, 26 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, 4 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, एक आधार कार्ड, ATM कार्ड और 2,000 रुपये नकद बरामद किए हैं.
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक के जरिए फर्जी पोर्टल बनाने वालों से संपर्क करते थे और फिर विभिन्न फेसबुक ग्रुपों में अपने नंबर डालकर प्रचार करते थे. इच्छुक लोग व्हाट्सएप पर संपर्क करते थे, जिन्हें ये आरोपी फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजते थे. उस लिंक में रजिस्ट्रेशन के बहाने मोबाइल नंबर और ईमेल मांगने के बाद एक QR कोड दिखाया जाता था. स्कैन करने पर 200 रुपये की राशि उनके डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर हो जाती थी. इसके बाद ग्राहक मनचाही जानकारी भरकर नकली जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता था बिना किसी दस्तावेज के.
STF की जांच में पता चला है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए पिछले तीन वर्षों में करीब 28 लाख रुपये की कमाई की गई है. यह पैसा सीधे लिंक किए गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हुआ है. गिरोह द्वारा बनाए गए पोर्टलों का इस्तेमाल फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैनामा, वसीयत और सरकारी योजनाओं में लाभ लेने के लिए भी किया जा रहा था.
यह पूरा मामला उस वक्त प्रकाश में आया जब STF को लगातार इन फर्जी वेबसाइटों और प्रमाण पत्रों के जरिए होने वाले साइबर अपराध की सूचना मिल रही थी. इसके बाद STF फील्ड यूनिट अयोध्या और बरेली ने मिलकर यह कार्रवाई की. STF अधिकारियों ने बताया कि इस फर्जीवाड़े के नेटवर्क की जड़ें कई राज्यों में फैली हो सकती हैं और आगे की जांच में और नाम सामने आने की संभावना है.
सरकारी सेवाओं में बढ़ा फर्जीवाड़े का खतरा
भारत में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र एक कानूनी दस्तावेज होता है, जो नागरिक की पहचान और अधिकारों से जुड़ा होता है. इसी के आधार पर आधार कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी योजनाओं में रजिस्ट्रेशन जैसे अहम कार्य होते हैं. हाल के वर्षों में कई राज्यों में फर्जी प्रमाण पत्रों की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सरकारी सेवाओं में फर्जीवाड़े का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में STF की यह कार्रवाई बड़ी कामयाबी मानी जा रही है.
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