Ayodhya Deepotsav: दीपोत्सव पर निकाली जाएंगी बेहद खास झांकियां, दिखेगी राम जन्म से राज्याभिषेक तक की झलक
Ayodhya Deepotsav 2022: दीपोत्सव पर इस बार 16 झाकियां निकाली जाएंगी. नगर भ्रमण करने वाली झांकियों से संबंधित कलाकार 16 रथों पर सवार होंगे, जो अपनी कला से रामायणकालीन दृश्यों को जीवंत करेंगे.

Ayodhya Deepotsav 2022: रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में दीपोत्सव (Deepotsav) को पूरी भव्यता के साथ मनाए जाने की तैयारियां जोरों पर है. हर बार की तरह इस बार भी 16 झाकियां निकाली जाएंगी. इन झांकियों में राम जन्मभूमि मॉडल (Ram Janmabhoomi Model), काशी कॉरिडोर (Kashi Vishwanath Corridor), विजन 2047, 1090 तथा भगवान राम (Ram) के जन्मकाल से लेकर राज्याभिषेक तक के दृश्य देखने को मिलेंगे. कार्यक्रम में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र रामायणकालीन शिक्षा पर आधारित सामाजिक संदेश देने वाली झांकी होगी.
16 रथों पर निकलेंगी झांकियां
नगर भ्रमण करने वाली झांकियों से संबंधित कलाकार 16 रथों पर सवार होंगे, जो अपनी कला के जरिये रामायणकालीन दृश्यों को जीवंत करेंगे. इसके अलावा देश के अन्य इलाकों के कलाकार रथ के आसपास नृत्य करते चलेंगे. सूचना विभाग की ओर से इस बार 11 झांकियां निकलेंगी. इसी प्रकार पर्यटन विभाग की ओर से खुले ट्रकों में 5 डिजिटल झांकियां निकाली जााएंगी. सभी झाकियां रामायणकालीन दृश्यों पर आधारित होंगी. जिसमें राम मंदिर का मॉडल और 2047 का अयोध्या का विकास का मॉडल पेश किया जाएगा.
कई राज्यों के कलाकार होंगे शामिल
अयोध्या शोध संस्थान के प्रशासनिक अधिकारी राम तीरथ ने बताया कि इस बार दीपोत्सव में कई राज्यों के कलाकारों को शोभायात्रा में सहभागिता का अवसर मिलेगा. शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से सुबह 9 बजे निकलेगी, जो 1 बजे दीपोत्सव स्थल पहुंचेगी. झांकियों से जुड़ा रिहर्सल शनिवार को होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल को भव्य और दिव्य बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं.
दीपोत्सव में जहां एक तरफ झांकियों को खास बनाने की तैयारियां की गई हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस उत्सव के लिए बनाए गए रामायणकालीन 15 स्वागत द्वार भी इसकी आभा बढ़ा रहे हैं. ये द्वार राम परिवार, निषादराज व अहिल्या आदि के नाम पर बनाए गए हैं. ये द्वार त्रेतायुग की अनुभूति करांएगे. इनके सौंदर्यीकरण को बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की गईं हैं. सरयू तट पर रेत पर रामायणकालीन सुंदर आकृतियां भी उकेरी जा रही हैं.
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