यूपी में चुनाव प्रचार को धार देंगे आकाश आनंद, मायावती ने दी फिर बड़ी जिम्मेदारी
बसपा में वापसी के बाद पार्टी अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर से आकाश आनंद को यूपी चुनाव प्रचार की कमान सौंप दी है. आकाश आनंद 28 अक्टूबर से बुलंदशहर के अनूपशहर में बड़ी जनसभा करेंगे.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर से आकाश आनंद को चुनाव मैदान में उतारने जा रही है. बसपा में नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद और पार्टी अध्यक्ष मायावती का आशीर्वाद मिलने के बाद आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. ताकि, आगामी चुनावों में पार्टी के सियासी जनाधार को फिर से जोड़कर और मज़बूत किया जा सके.
बसपा में वापसी के बाद आकाश आनंद पर मायावती ने भरोसा जताते हुए उन्हें यूपी, उत्तराखंड और पंजाब जैसे बड़े राज्यों की जिम्मेदारी दी है. अगले दो महीनों में इन राज्यों में आकाश आनंद की सात बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी. पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से आकाश आनंद का कार्यक्रम जारी किया गया है. इसके अलावा कई विधानसभा के बसपा नेता भी उनकी रैली कराए जाने की माँग कर रहे हैं.
आकाश आनंद को फिर मिली बड़ी जिम्मेदारी
यूपी चुनाव से पहले आकाश आनंद की प्रदेश में सक्रियता बढ़ने जा रही है. आकाश आनंद 28 अक्टूबर को बुलंदशहर के अनूपशहर से चुनावी मैदान में ताल ठोंकने जा रहे हैं. अनूपशहर में बसपा की ओर से एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी. इसके बाद 2 नवंबर को सहारनपुर के नकुड़, 20 नवंबर को अयोध्या के बीकापुर, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर के बिल्हौर में आकाश आनंद की जनसभा कराए जाने का कार्यक्रम तय किया गया है.
उत्तर प्रदेश के अलावा आकाश आनंद को पंजाब और उत्तराखंड में भी अहम जिम्मेदारी दी गई है. इन रैलियों के ज़रिए बसपा चुनावी माहौल बनाने की कोशिश करेगी. आकाश आनंद 26 नवंबर को पंजाब और 6 दिसंबर को हरिद्वार में भी सभा करेंगे. आकाश आनंद का बसपा समर्थक युवाओं के बीच उनका खासा क्रेज देखने को मिलता है. उनका आक्रामक अंदाज़ उन्हें पसंद आता है.
कभी बाहर तो कभी अंदर होते रहे आकाश आनंद
बता दें कि आकाश आनंद कई बार बहुजन समाज पार्टी से कभी बाहर तो कभी अंदर होते रहे हैं. मायावती ने दिसंबर 2023 में आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी और पार्टी नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया था. लेकिन मई 2024 में एक रैली में बीजेपी पर आक्रामक बयान के बाद उन्हें ये पद वापस ले लिया गया. जून 2023 में उनकी फिर से पार्टी में वापसी हुई. जिसके बाद 4 मार्च 2025 को उन्हें फिर से सभी जिम्मेदारियों से हटा दिया गया. 13 अप्रैल 2025 को उनकी फिर वापसी हुई.
नौ सितंबर 2026 को मायावती ने एक बार फिर आकाश आनंद को पार्टी से निष्कासित किया और 5 अक्टूबर को तीसरी बार उनकी पार्टी में वापसी हुई और फिर से राष्ट्रीय संयोजक पद दिया गया. बसपा में वापसी के बाद अब मायावती ने फिर से उन्हें चुनाव अहम जिम्मेदारी दे दी है.





















