मुरादाबाद पीतल कारोबारियों को बड़ी राहत! 34 करोड़ की लागत से बनेगा हाई टेक टेस्टिंग सेंटर
Moradabad Brass Business: मुरादाबाद के पीतल के उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर हैं. यहां के दो हजार से अधिक निर्यातकों के लिए खुशखबरी है, इसके तहत जिले में अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग लैब विकसित गई है.

Moradabad News Today: मुरादाबाद दुनियाभर में पीतल नगरी के नाम से प्रसिद्ध है. यहां के पीतल कारोबारियों के लिए खुशखबरी है. मुरादाबाद में तैयार होने वाले पीतल उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग के लिए कारोबारियों को अब दिल्ली मुंबई की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी, बल्कि अब इसकी सुविधा मुरादाबाद में ही मेटल हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर (MHSC) में मिलेगी.
इससे पीतल निर्यातकों को काफी सहूलियत होगी. इसके अलावा एमएचएससी में पीतल कारीगरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. पीतल कारीगरों की सुविधा के लिए पीतल नगरी में एमएचएससी पहले से है, जहां पीतल कारीगरों को ट्रेनिंग दी जाती है.
हालांकि, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानक के प्रमाणीकरण की सुविधा अभी तक नहीं थी. इसकी वजह से शहर के पीतल कारोबारियों और निर्यातकों को अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण के लिए दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में टेस्टिंग के लिए ले जाना पड़ता था. वहां उसकी कॉपी का भी खतरा रहता था.
34 करोड़ में लगी टेस्टिंग मशीन
कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का टेस्टिंग प्रमाणपत्र न होने पर उन्हें अपना उत्पाद बेचने में भी परेशानी होती थी. साथ ही निर्यातकों की लागत भी काफी बढ़ जाती थी. कारोबारियों और निर्यातकों की इस समस्या को देखते हुए पीतल नगरी स्थित एमएचएससी को स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से उच्चीकृत किया गया है. नई मशीनें लगाई गई हैं.
जल्द ही इसके संचालन के लिए तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति कर टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद शहर में ही पीतल उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की मंजूरी मिलने लगेगी, जिससे निर्यातकों को काफी लाभ मिलेगा.
'जिले में 2400 से अधिक निर्यातक'
धातु हस्तशिल्प सेवा केंद्र मुरादाबाद के महाप्रबंधक का कहना है कि जिले में 2400 से अधिक निर्यातक हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार टेस्टिंग व प्रमाणीकरण की सुविधा न होने से उन्हें अपने उत्पादों को बेचने में कई तरह की परेशानी आती थी. इस सुविधा के प्रारंभ होने के बाद इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा.
धातु हस्तशिल्प सेवा केंद्र मुरादाबाद के महाप्रबंधक डॉ रविंद्र शर्मा ने बताया कि पीतल नगरी में डेढ़ लाख से भी अधिक हस्तशिल्प कारीगर पंजीकृत हैं. इसके अलावा हजारों अकुशल कारीगर भी हैं. उन्हें यहां अब उच्च कोटि का प्रशिक्षण मिलेगा और पीतल उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय टेस्टिंग की सुविधा भी मिलेगी, जिससे पीतल उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.
ये भी पढ़ें: 'गला घोंटने' वाले बयान पर मायावती ने किया कांग्रेस नेता उदित राज पर पलटवार, जानें- क्या कहा?
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















