हिंदुत्व के सहारे मिलेगी सत्ता? सपा-बीजेपी में जंग, कौन सबसे बड़ा राम भक्त और सनातनी!
UP Politics: यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा सियासत की केंद्र पर रहने वाला है, समाजवादी पार्टी बीजेपी को हिंदुत्व के मुद्दे पर घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ रही है.

यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव 2027 (UP Assembly Election 2027) में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा राजनीतिक दलों की रणनीतियों के केंद्र में आ गया है. चढ़ावा चोरी को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार भारतीय जनता पार्टी पर आक्रामक हैं. अखिलेश यादव की कोशिश बीजेपी को हिंदुत्व के मुद्दे पर कमजोर करने की है, जिसके सहारे वह पिछले एक दशक से चुनावी लाभ हासिल करती रही है.
वहीं, बीजेपी भी समाजवादी पार्टी पर उसके ही इतिहास के सहारे पलटवार कर रही है. बीजेपी नेता कारसेवकों पर गोली चलवाने जैसे मामले याद दिला रहे हैं. इंटरनेट मीडिया पर भी पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और सपा के प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल के पुराने वीडियो क्लिप वायरल किए जा रहे हैं , जिसमें राम मंदिर आंदोलन के दौरान सपा शासन काल में की गई कार्रवाई का उल्लेख है.
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समाजवादी पार्टी बीजेपी को हिंदुत्व की पिच पर ही चुनौती देने की रणनीति पर पहले से काम कर रही है. महाकुंभ आयोजन के बाद से अखिलेश यादव लगातार सनातन सम्मान से जुड़े हर मुद्दे पर खुलकर बोल रहे हैं. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी अखिलेश यादव ने ही सबसे पहले उठाया था.
सपा ने बीजेपी पर लगाए सनातन आस्था के साथ विश्वासघात के आरोप
इसके बाद जनभावनाएं मुखर होती देख सपा ने पूरी ताकत झोंक दी है. समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर सनातन आस्था के साथ विश्वासघात के आरोप लगाए, समाजवाद पार्टी ने सनातन और श्रीराम में अपनी आस्था को दर्शाने काम किया. इसी नैरेटिव को आगे बढ़ाते हुए अखिलेश ने 'क्या फिर से चले गए वनवास' वीडियो गीत अपने एक्स हैंडल पर शेयर किए. इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ दौरे के दौरान उनके स्वागत में हनुमान की प्रतिकृति के नृत्य करने के मीम और एआइ वीडियो के माध्यम से सपा ने बीजेपी पर हमले किए.
राम मंदिर आंदोलन में सपा के विरोध को याद दिला रही बीजेपी
वहीं, इसके जवाब में बीजेपी भी सपा को रामद्रोही करार दे रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अन्य नेता मंदिर आंदोलन के दौरान सपा के विरोध की याद दिला रहे हैं. मुलायम सरकार में कारसेवकों पर गोली चलवाने का मामला उठा रहे हैं और हाल ही में उन्होंने हनुमान गढ़ी में नमाज पढ़वाने के भी आरोप लगाए हैं. साथ ही, इंटरनेट मीडिया पर हिंदुत्व पर सवाल उठाते सपा के वीडियो आदि शेयर किए गए. इनमें मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव के वीडियो भी शामिल है.
बीजेपी ने सपा के हिंदुत्व पर खड़े किए सवाल
हाल के दिनों में लखनऊ सहित कई शहरों में कारसेवकों पर गोली चलवाने और हनुमान गढ़ी में नमाज पढ़वाने जैसे मुद्दों पर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के पोस्टर लगाकर सपा के हिंदुत्व पर बीजेपी की तरफ से सवाल खड़े किए गए थे. इनमें 'दिल में बाबर, मुंह में राम' लिखे पोस्टर भी शामिल थे. मंदिर आंदोलन के इतिहास के चलते नैरेटिव की इस लड़ाई में सपा के सामने चुनौती बीजेपी से ज्यादा दिखती है.
हालांकि, समाजवादी पार्टी का मानना है कि उस पर हिंदुत्व विरोधी होने के आरोप तो हर चुनाव में लगते रहे हैं. ऐसे में वह बीजेपी पर हमले जारी रखेगी. इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण और सपा प्रमुख के अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दर्शन करने के बाद इस रणनीति को और धार मिलेगी.
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