मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने PoJK में जारी हिंसा पर जताई चिंता, UN से की हस्तक्षेप की मांग
PoK Protest: AIMJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना रजवी बरेलवी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हालात पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र (UN) से हस्तक्षेप की मांग की है.

- 8 जून को रावलाकोट में हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कई नागरिक मरे.
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIMJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के हालात पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र (UN) से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि PoK में बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर कथित तौर पर पाकिस्तानी फौज द्वारा बल प्रयोग किया गया, जिससे कई लोगों की मौत हुई है.
मौलाना ने दावा किया कि मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार संगठनों से क्षेत्र का दौरा कर जमीनी स्थिति का आंकलन करने और विश्व समुदाय के सामने वास्तविक हालात रखने की अपील की.
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से की जांच की मांग
मौलाना रजवी ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए तथा वहां की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए." मौलाना के अनुसार, लोग अपने अधिकारों और महंगाई के मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से PoK की स्थिति पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की.
क्या है मामला ?
PoJK में 27 जुलाई को होने वाले आगामी चुनाव को लेकर हिंसा भड़की है. पाकिस्तान में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का विरोध मुख्य रूप से उन 45 विधानसभा सीटों में से 12 को कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित करने के फैसले के खिलाफ है. JAAC का कहना है इन 12 सीटों पर ऐसे लोग चुनाव लड़ते हैं जो PoJK में रहते ही नहीं हैं.
ये स्थानीय लोगों के राजनीतिक अधिकारों को कमजोर करता है इसलिए इन सीटों को खत्म किया जाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप लगाया है कि स्थानीय लोगों की आवाज को राजनीतिक तरीके से दबाने की कोशिश की जा रही है. 8 जून को रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई नागरिक और पुलिसकर्मी मारे गए.
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