'जिनके बाप-दादा-पुरखों ने...', UGC पर पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने ये क्या कह दिया?
UGC Controversy: स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जहां कानून बनने से Sc /st/obc खुश वहीं न्यायपालिका से स्टे हो जाने से स्वर्ण जातियां भी खुश. इसे कहते हैं शतरंज की चाल सांप भी मर गया लाठी भी नहीं टूटी .

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों को लेकर जारी तनाव के बीच देश की सर्वोच्च न्यायालय ने यूजीसी के नए नियमों पर भले ही रोक लगा दी है, लेकिन इस पर सियासी बयानबाजी का दौर लगातार जारी है. इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने यूजीसी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने एक्स हैंडल (पूर्व ट्वीटर) में लिखा, "जिनके बाप-दादा-पुरखों ने कभी शम्वूक का सिर काटा, एकलव्य का अंगूठा काटा, उनकी संताने आज भी Sc /st/obc समाज पर जुल्म –ज्यादती –अत्याचार करना, हत्या-बलात्कार का शिकार बनाना, शिक्षण संस्थानों में भेदभाव करना व धन-धरती-शिक्षा-सम्मान से वंचित करना, अपना जन्म–सिद्ध अधिकार मानते हैं इसीलिए तथाकथित कुछ ऐसी ही उच्च जातियां U.G.C समता समिति कानून 2026 का विरोध कर रही हैं."
'यूजीसी का विरोध करने वालों के गौर से देखो चेहरे'
पूर्व मंत्री व अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि, "U.G.C का विरोध करने वाले चेहरों को जरा गौर से देखो, ये वही चेहरे हैं जिनके बाप-दादा पुरखो को धर्म के नाम पर आप दान-दक्षिणा, चढ़ावा देते ,व माल- पुआ हलुवा खिलाते आये हैं."
'दान-दक्षिण देना बंद कर दो निकल जाएगी हेकड़ी'
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि "sc /st/obc भाइयों से अपील है कि ऐसी गंदी मानसिकता के लोगों को माल- पुआ हलुआ खिलाना व दान-दक्षिण देना बंद कर दो इनकी हेकड़ी अपने-आप निकल जायेगी और UGC का विरोध करना भी भूल जायेगे."
बीजेपी पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने साधा निशाना
स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, "विश्वविद्यालय एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव पर रोक लगाने हेतु लाये गये U.G.C विनियमन कानून के नाम पर Sc /st/obc समाज के लोगों के आंख में धूल झोंकने में बीजेपी सरकार एक बार फिर सफल हुई."
उन्होंने कहा कि "भा.ज.पा की नीति थी कि "चोर से कहो चोरी करो" और "जनता से कहो जागते रहो" इसी तर्ज पर जहां एक तरफ U.G.C समता कानून के माध्यम से Sc /st/obc को खुश करने की ढोंग कर रही थी, वहीं दूसरी ओर ऊंची जातियों से इसका विरोध भी करवा रही थी, जिसकी आशंका थी, वही हुआ सरकार के इशारे पर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करवा कर आखिर U.G.C विनियमन कानून को कार्यान्वयन पर रोक लगवा दी."
यह भी कहा कि, "जहां कानून बनने से Sc /st/obc खुश वहीं न्यायपालिका से स्टे हो जाने से स्वर्ण जातियां भी खुश. इसे कहते हैं शतरंज की चाल सांप भी मर गया लाठी भी नहीं टूटी . बीजेपी के धोखे से सावधान रहो."
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Source: IOCL


























