UGC कानून को योगी सरकार के मंत्रियों ने बताया सही, कहा- ये बिना मतलब का विवाद
यूजीसी कानून पर जारी विवाद और धरना प्रदर्शन के बीच योगी सरकार के दो मंत्रियों ने अहम बयान दिया है. दोनों ने अपने बयान के जरिए हालिया अधिसूचना को सही ठहराया है.

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मामले में योगी सरकार के मंत्री द्वय संजय निषाद और ओम प्रकाश राजभर ने टिप्पणी की है. दोनों ने नेताओं ने अपनी ओर से न सिर्फ अधिसूचित कानून को उचित बताया बल्कि यह भी कहा कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है.
योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जि सको एतराज है,वो सुप्रीम कोर्ट चला जाए. राजभर ने अंलकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि यह तो जिसने इस्तीफा दिया वह जाने कि क्यों दिया. राजभर ने दावा किया कि अलंकार अग्निहोत्री चुनाव लड़ने के लिए भौकाल बना रहे हैं. वो नेता नहीं बन पाएंगे. रही बात यूजीसी की तो उसमें जो कमियां हैं, उसे सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए. यह किसी सरकार का फैसला नहीं है, सुप्रीम कोर्ट का फैसला है.
यूजीसी पर क्या बोले संजय निषाद?
वहीं मत्स्य विभाग के मुखिया संजय निषाद ने कहा कि मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है. अगर कोई कमी है तो सरकार उस पर विचार करेगी. संजय निषाद ने कहा कि देश में लोकतंत्र है. संसद से जो कानून पारित होता है , वह जनता के लिए हित में होता है.
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कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार भेदभाव बढ़ गए. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में रिपोर्ट आई. अगर कमीशन की रिपोर्ट में यह कहा गया कि 10 फीसदी आरक्षण देना चाहिए तो अपरकास्ट को भी मिला. महिला को भी आरक्षण मिला. हम तो चाहेंगे कि यह कानून लागू हो. बेमतलब का विवाद बढ़ रहा है.
निषाद ने अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर कहा कि यह उनका निजी मत हो सकता है. यूजीसी मामले पर बीजेपी नेताओं के इस्तीफे पर निषाद ने कहा कि यह उनका निजी फैसला है. सबका सम्मान बरकरार रहे इसीलिए कानून बनाया गया है.
























