Ghaziabad News: अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन भूमि पर था निर्माण, फंडिंग की भी जांच शुरू
Ghaziabad News In Hindi: गाजियाबाद में करीब 25 करोड़ की सरकारी बंजर भूमि पर बने मदरसे को पांच बुलडोजरों की मदद से आज ध्वस्त कर दिया गया है. इस मदरसे की फंडिंग के स्रोतों की भी जांच की जा रही है.

गाजियाबाद में करीब 25 करोड़ की सरकारी जमीन पर बने एक अवैध मदरसे को प्रशासन ने मंगलवार (3 जून) को पांच बुलडोजरों की मदद से ध्वस्त कर दिया. प्रशासन के अनुसार मसूरी थाना क्षेत्र के कल्लूगढ़ी गांव में स्थित इस मदरसे के संचालक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है.
साथ ही मदरसे की फंडिंग के स्रोतों की जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसमें विदेशी फंडिंग की आशंका को भी खंगाला जाएगा. इस कार्रवाई के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात रही, जिसमें 3 प्लाटून आरआरएफ, 2 कंपनी पीएसी, करीब 500 पुलिसकर्मी अन्य जोन से, 300 स्थानीय पुलिसकर्मी, 8 थाना प्रभारी और एंटी-रायट उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी शामिल रहे.
सरकारी भूमि पर कब्जा कर 7 कमरों का मदरसा संचालित
प्रशासन के मुताबिक कल्लूगढ़ी गांव में 12 बीघा सरकारी बंजर भूमि पर बने मदरसा जामिया अरबिया इशातुल इस्लाम का निर्माण साल 2021 में किया गया था. बताया गया है कि इस मदरसे का संचालन दिल्ली निवासी फारूक द्वारा किया जा रहा था. जांच में पाया गया कि सरकारी ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा कर 7 कमरों वाला मदरसा संचालित किया जा रहा था. प्रशासन ने पहले बेदखली की कार्रवाई करते हुए साल 2025 में जुर्माना लगाया था और अब पूरे ढांचे को ध्वस्त कर दिया गया है. भूमि की अनुमानित कीमत करीब 24 से 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
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क्या इसमें किसी प्रकार की विदेशी फंडिंग का था इस्तेमाल?
प्रशासन ने मदरसा संचालक फारूक पर ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में 1 करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. वहीं लेखपाल अनुपम मिश्र की तहरीर पर थाना मसूरी में मुकदमा दर्ज कराया गया है. वहीं पुलिस की कई टीमें फारूक की तलाश में जुटी हुई हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह भी जांच की जाएगी कि मदरसे को आर्थिक सहायता कहां से मिल रही थी और क्या इसके लिए किसी प्रकार की विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल किया गया था?
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और एडिशनल सीपी राजकरण नायर ने बताया कि मदरसे की फंडिंग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में किसी प्रकार की अवैध फंडिंग या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
सूर्या की मौत के बाद गाजियाबाद में अवैध मदरसों की जांच तेज
गौरतलब है कि खोड़ा क्षेत्र में सूर्या की मौत के बाद गाजियाबाद में अवैध मदरसों की जांच तेज कर दी गई है. मुख्यमंत्री की सख्त चेतावनी के बाद पहले खोड़ा में कथित रूप से अवैध रूप से संचालित मदरसों को सील किया गया था और अब मसूरी के कल्लूगढ़ी गांव में स्थित इस अवैध मदरसे को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है. प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी.
























