Sonbhadra News: सोनभद्र में 'हर घर जल' योजना कागजों पर पूरी, जमीन पर अधूरी, MLA ने अधिकारियों को लगाई फटकार
Sonbhadra News In Hindi: प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल' योजना सोनभद्र में गंभीर सवालों के घेरे में है. सरकारी दावों के 90% पूर्ण होने के बावजूद, जिले में पानी की भारी कमी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना (जल जीवन मिशन) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है. ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने का दावा करने वाला यह अभियान कागजों में तो 90 प्रतिशत तक पूरा दिख रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है.
योजना की इसी बदहाली और अधिकारियों की घोर लापरवाही पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार लोगों को जेल भेजने तक की चेतावनी दे डाली है.
आंकड़ों की बाजीगरी: 90% घरों में नल, फिर भी 40% पानी कम क्यों?
अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ हुई एक अहम समीक्षा बैठक में विधायक भूपेश चौबे ने कड़े सवाल दागे. दरअसल, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले के 1,394 में से 1,321 गांवों को योजना से जोड़ दिया गया है और 3.13 लाख में से 2.93 लाख घरों में नल लगा दिए गए हैं. लेकिन हकीकत यह है कि जिले में प्रतिदिन 22 करोड़ लीटर पानी की जरूरत है, जबकि आपूर्ति सिर्फ 9 करोड़ लीटर हो रही है. इस 40 फीसदी की भारी कमी पर भड़कते हुए विधायक ने पूछा, "अगर 90 प्रतिशत से ज्यादा घरों में नल लगे हैं, तो पानी आधा क्यों है? इसका जवाब देना होगा."
सूखे टैंक और खुदी सड़कें बढ़ा रहीं ग्रामीणों का दर्द
समीक्षा में सामने आया कि जिले में बनाए गए 140 से अधिक ओवरहेड टैंकों में से ज्यादातर शो-पीस बने हुए हैं और उनसे नियमित जल आपूर्ति नहीं हो रही है. वहीं, पाइपलाइन बिछाने के लिए गांवों की सड़कों को खोदकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. बारिश में ये सड़कें कीचड़ और हादसों का सबब बन रही हैं. ग्रामीण आज भी पुराने हैंडपंप और कुओं पर निर्भर हैं. विधायक ने कहा कि जनता दोहरी मार झेल रही है—न पानी मिला और न ही चलने लायक सड़कें बचीं.
बजट 2500 करोड़ पहुंचा, गुणवत्ता घटिया
योजना की शुरुआत में लागत 2200 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 2500 करोड़ रुपये को पार कर गई है. इसके बावजूद घटिया सामग्री के इस्तेमाल और पाइपलाइन के तुरंत क्षतिग्रस्त होने की शिकायतें आम हैं.
'सुधर जाओ, वरना जेल जाओगे'
विधायक भूपेश चौबे ने बैठक में अपना रुख बेहद आक्रामक रखते हुए स्पष्ट किया, "यह पीएम की प्राथमिकता वाली योजना है. जहां भी घटिया काम या भ्रष्टाचार मिला, वहां सिर्फ विभागीय कार्रवाई नहीं होगी, जरूरत पड़ी तो जिम्मेदार लोगों को जेल भी भेजा जाएगा." उन्होंने हर गांव में जल आपूर्ति शुरू करने और उखड़ी सड़कों की तुरंत मरम्मत के सख्त निर्देश दिए हैं.























