Shravasti News: श्रावस्ती में इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र के 17 मदरसे सील, मदरसा संचालकों ने कार्रवाई पर उठाया सवाल
UP News: श्रावस्ती में इंडो-नेपाल बॉर्डर के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 17 मदरसों को प्रशासन ने सील कर दिया है. मदरसा संचालकों का कहना है बिना नोटिस के कार्रवाई की गई है.

Shravasti News: उत्तर प्रदेश के जनपद श्रावस्ती में मदरसों पर प्रशासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, इसमें अवैध और शासन द्वारा मान्यता प्राप्त मदरसे भी शामिल है. प्रशासन ने कार्रवाई में 17 से अधिक मदरसों को सील किया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई से मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है. मदरसा संचालकों ने कहा, किसी मदरसे की 1970 तो किसी मदरसे की 1960 में मान्यता ली गई थी. आज दो दिनों से प्रशासन का रुख कड़ा है. मदरसों पर ताले लगाते नजर आ रहे हैं.
पूरे जनपद में चाहे भारत नेपाल सीमा से जुड़े हुए मदरसे हो चाहे या फिर इंडो नेपाल बॉडर के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले जनपद के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में एक अभियान चलाकर मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त मदरसों पर कार्रवाई की जा रही है. जनपद में 192 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हैं और 105 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं. प्रशासन ने अपना कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सभी मदरसों पर बिना नोटिस जारी किए ही सीज कर दिया. उक्त आरोप मदरसा संचालकों की तरफ से लगाए गए हैं.
बिना नोटिस दिये प्रशासन ने की कार्रवाई- मदरसा संचालक
मदरसा संचालकों का कहना है कि उन्हें किसी प्रकार का कोई नोटिस भी नहीं दिया गया है. उनके मदरसों को ताला लगा दिया गया है. जबकि उनके मदरसों की बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता भी है. सभी मदरसों का UDISE कोड भी उनको मिला हुआ है. सभी बच्चे उनके रजिस्टर्ड हैं. जिनकी ऑनलाइन फीडिंग भी होती है. सभी बच्चों को NCRT के तहत शिक्षा दी जाती है. यहां पर सुनने वाला कोई नहीं है बच्चों की सभी तरीके की पढ़ाई होती है चाहे हिंदी है चाहे साइंस है. मदरसों में हर तरीके की पढ़ाई होने के बावजूद भी यहां पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. मदरसों को सीज करने पहुंचे अधिकारी का कहना है कि सरकार और प्रशासन के आदेश पर कार्रवाई की गई है.
(अमर रिजवी की रिपोर्ट)
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