पूजा पाल को योगी कैबिनेट में नहीं मिली जगह तो अखिलेश के नेता बोले- विश्वासघात का फल अवश्य...
UP News: पूजा पाल चायल सीट से विधायक हैं और साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट से विधायक बनीं. सपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर साल 2025 में उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया.

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार पर अब विराम लग गया है. रविवार (10 मई) को यूपी का मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है, जिसमें छह नए समेत कुल आठ मंत्रियों ने शपथ ली. वहीं योगी कैबिनेट में सपा से निष्कासित विधायक पूजा पाल को जगह नहीं मिली है. अब इस पर सपा के नेता और अखिलेश यादव के करीबी आईपी सिंह का बयान आया है.
योगी कैबिनेट विस्तार से पहले चर्चा थी कि चायल विधायक पूजा पाल को योगी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. हालांकि उन्हें योगी सरकार के इस मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. इस पर अब सपा नेता आईपी सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर पूजा पाल पर तंज कसा है.
आईपी सिंह ने एक्स पर लिखा-"मंत्री तो छोड़ो अब तुम बीजेपी कोटे से कभी विधायक नहीं बन पाओगी. जो इंसान इस दुनिया में नहीं है उसके नाम पर राजनीति करते हुए उसे भी धोखा दिया दूसरा घर बसाकर. विश्वासघात का फल अवश्य मिलता है. अब बीजेपी का मंत्रीमंडल विस्तार 20 बरस बाद होगा."
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बता दें कि पूजा पाल कौशांबी की चायल सीट से विधायक हैं और साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट से विधायक बनीं. हालांकि बाद में राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के समर्थन में वोट देने और सीएम योगी की सरकार की तारीफ करने के आरोपों के बाद सपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर साल 2025 में उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया.
बता दें कि साल 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए योगी सरकार के नए मंत्रिमंडल में समाजवादी पार्टी के पीडीए समीकरण की काट देखते हुए और अपने जातीय समीकरण मजबूत करते हुए नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई है. इनमें मनोज पांडेय ब्राह्मण समुदाय से हैं, जबकि भूपेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा, सोमेंद्र तोमर, अजीत सिंह पाल और कैलाश राजपूत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं. वहीं कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं.
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