दिल्ली में छात्र आंदोलन के बीच अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को दी हवा, कहा- 'जब संविधान बचेगा तभी...'
Akhilesh Yadav: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐलान किया है कि आज 26 जुलाई को उनकी पार्टी यूपी के सभी जिला दफ्तरों में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ का आयोजन करेगी.

दिल्ली में जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संविधान और आरक्षण के मुद्दे को हवा दी है. सपा प्रदेशभर के सभी जिला मुख्यालयों में आज 26 जुलाई को संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस के तौर पर मनाएंगी. अखिलेश यादव ने कहा कि जब संविधान बचेगा, तभी आरक्षण भी बच पाएगा.
सपा हर जिले में करेगी कार्यक्रम
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लंबी पोस्ट की, उन्होंने लिखा- ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ 26 जुलाई वार्षिक समारोह, ‘आरक्षण दिवस’ 26 जुलाई को समाजवादी पार्टी ने ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ के रूप में भी मनाने का विनम्र निर्णय ले रखा है क्योंकि इसी दिन महात्मा ज्योतिबा फुले जी द्वारा संकल्पित ‘आरक्षण’ को कोल्हापुर के परम आदरणीय-अनुकरणीय श्रीमंत महाराज राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज जी ने अपने कोल्हापुर राज्य में लागू किया था.
इसी दिन ‘आरक्षण देने का शुभारंभ’ हुआ था. ‘सामाजिक न्याय’ की भावना को आरक्षण के रूप में इसी दिन अमल में लाया गया था, जो आगे चलकर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी के सद्प्रयासों से हमारे संविधान में एक जनाधिकार के रूप में सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने का मूल आधार बना और देश के लोकतंत्र की स्थापना का मूल सिद्धांत भी.
इसके लिए हर वर्ष ‘26 जुलाई’ से अधिक ऐतिहासिक अवसर और क्या हो सकता है, क्योंकि विचार को सही में लागू करना ही तो सबसे बड़ा और प्रभावशाली उदाहरण होता है, जो परम आदरणीय-अनुकरणीय श्रीमंत महाराज राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज जी ने इस दिन लागू करके दिखलाया था.
इसी परिप्रेक्ष्य में इस वर्ष भी 26 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश और देश में समाजवादी पार्टी ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ का आयोजन कर रही है। इस दिन सपा के मुख्यालय व सभी कार्यालयों में एक सादगीपूर्ण समारोह में भारत के संविधान की प्रति के सानिध्य में ‘संविधान-मानस्तंभ स्थापना दिवस’ आयोजित किया जाएगा।
इसके पीछे मूल भावना यही है कि ‘संविधान-मानस्तंभ’ वस्तुतः ‘पीडीए-प्रकाशस्तंभ’ के रूप में हमारे ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के संकल्प का मार्ग सदैव प्रकाशित और प्रशस्त करता रहे. जब संविधान बचेगा तभी आरक्षण बचेगा. संविधान ही ढाल है, संविधान ही कवच है. संविधान ही गैर बराबरी दूर करके समता-समानता को सुनिश्चित करेगा और हमारे ‘बंधु राष्ट्र’ बनाने के ‘महा-संकल्प’ को भी.'
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