'वैष्णों ढाबा लिखोगे, इस्लामुद्दीन निकलोगे..', नेम प्लेट विवाद को लेकर एसटी हसन पर बरसीं साध्वी प्राची
Sadhvi Prachi News: साध्वी प्राची ने सपा नेता एसटी हसन के बयान पर कहा कि पहलगाम में हमारा धर्म पूछ करके मारा गया, उन्हें बताना चाहिए कि यहां कौन सी आतंकी घटना हुई है.

Sadhvi Prachi on Name Plate Controversy: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कावड़ यात्रा मार्ग पर नेम प्लेट मामले को लेकर हो रहे विवाद पर हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची का बडडा बयान सामने आया है. साध्वी प्राची ने नाम छिपाने की कोशिश पर सवाल उठाया और कहा कि ये जो लोग हैं जिन्हें नेम प्लेट लगाने में परेशानी हो रही है आखिर क्यों ये अपना बाप बदलना चाहते है. क्या उनके नाम में कोई षड्यंत्र छुपा हुआ है या फिर ये कोई षड्यंत्र करना चाहते हैं इनकी जांच होनी चाहिए.
साध्वी प्राची ने कहा कि पुलिस प्रशासन जब अपना काम नहीं कर रहा है, तो ऐसे में कार्यकर्ताओं ने अगर पूछ लिया कि ये वैष्णो ढाबा है या मुस्लिम ढाबा तो इसमें कोई आपत्ति तो नहीं होनी चाहिए और जब यह ढाबा अपने नाम से नहीं चला सकते और हिंदुओं के नाम से हिंदू देवी-देवताओं के नाम से ढाबे चला रहे हैं तो फिर इन्हें हिंदू धर्म में ही आ जाना चाहिए.
हिन्दू धर्म को अपना लेना चाहिए
उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म तो इतना अच्छा है कि सर्वे भवंतु सुखिन की बात करता है, तो अपनी पहचान न छुपाए. आप आइए सनातन धर्म में आपका स्वागत है लेकिन, पहचान छुपा कर ढाबा चलाओगे..हिन्दुओं के नाम रखोगे तो ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. साध्वी प्राची ने इस दौरान सपा नेता एसटी हसन के बयान पर भी पलटवार किया और कहा कि एसटी हसन को तो तमीज भी नहीं है मैं क्या कहूं, मेरा तो खून खौल रहा है.
पहलगाम में जो घटना घटी है वहां हमारा धर्म पूछ करके हत्या की गई और इनको तो इतना भी नहीं पता कि आतंकवादी की परिभाषा क्या होती है? पहलगाम में तो नाम पूछ कर, धर्म पूछ कर.. जिन लोगों ने कलमा नहीं पढ़ा उनकी गर्दन काटी गई. एसटी हसन बताएं यहां कौन सी आतंकी घटना हुई है. इनको तमीज नहीं है कि क्या बयान दे रहे हैं, शर्म आती है इनकी बुद्धि पर. अगर वैष्णो ढाबा लिखोगे और इस्लामुद्दीन निकलोगे. थूक जिहाद और मूत्र जिहाद चलाओगे.
ओवैसी के बयान पर भी पलटवार
ओवैसी पर बोलते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि ओवैसी को अगर इतना अच्छा लगता है तो कावड़ उठाएं और वह उनके मलमूत्र पिएं. हिंदू नहीं बर्दाश्त करेंगे. हिंदू तो बाबा भोलेनाथ का भगत है. बाबा भोलेनाथ की अर्चना पूजा करते हैं इसलिए पवित्र मास में यह नहीं चलना चाहिए. कावड़िए गंगोत्री, गोमुख, केदारनाथ, बद्रीनाथ से जल लेकर आते हैं और कांवड़ उठाते हैं. उनकी पवित्रता का ध्यान रखना जरूरी है.
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Source: IOCL





















