राम मंदिर मामले में होंगी और गिरफ्तारियां? कर्मचारियों ने महीनों से नहीं निकाली सैलरी, चैट्स रिकवर करेगी पुलिस
Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है. महंत विनोद मिश्रा ने दान की रसीद नहीं मिलने का दावा किया है. सूत्रों के मुताबिक बैंक खातों और मोबाइल चैट से भी जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिले हैं.

उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के बीच नए-नए दावे और सुराग सामने आ रहे हैं. आज इस मामले में तीन अहम खुलासे हुए हैं. पहला दावा महंत विनोद मिश्रा का है कि उनको दान की रसीद नहीं मिली. दूसरा दावा है कि कई कर्मचारियों ने महीनों से सैलरी नहीं निकाली. वहीं तीसरा दावा है कि मंदिर के भीतर व्हीलचेयर से श्रद्धालुओं से लेकर जाने वाले रडार पर हैं.
महंत विनोद मिश्रा ने दावा किया है कि 29 अक्टूबर 2025 को वह अपने मुंबई स्थित शिष्यों के साथ दोपहर करीब 12 बजे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर पहुंचे थे. एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए विनोद ने कहा कि उन्होंने सभी के सामने टिन्नू यादव को मंदिर के लिए गहने और आभूषण सौंपे थे. उस समय टिन्नू यादव ने भरोसा दिया था कि दान की तस्वीर और विधिवत रसीद उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन कई बार मांगने के बावजूद न तो तस्वीर मिली और न ही रसीद.
'गहनों को गलाया जा चुका...'
महंत विनोद मिश्रा का कहना है कि बाद में टिन्नू यादव ने उन्हें बताया कि दान में दिए गए गहनों को गलाया जा चुका है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कारसेवकपुरम भी गए, लेकिन वहां भी उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी या दस्तावेज नहीं मिला.
महंत के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्होंने एसआईटी को भी दे दी है, जिसने उनसे पूछताछ की है. उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में बिना कमीशन के कोई काम नहीं होता और बिल पास कराने तक के लिए कमीशन देना पड़ता है. महंत ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है.
बैंक अकाउंट्स की हुई पड़ताल
वहीं, जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कई आरोपियों के बैंक खातों की पड़ताल में यह सामने आया है कि उन्होंने कई महीनों से अपनी 17 से 20 हजार रुपये मासिक सैलरी तक नहीं निकाली थी. जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी कथित तौर पर चढ़ावे की चोरी से मिले पैसों से अपना खर्च चला रहे थे, इसलिए वे वेतन को हाथ नहीं लगाते थे.
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से भी कई अहम सुराग मिले हैं. मोबाइल चैट में कथित तौर पर चोरी की रकम के बंटवारे को लेकर बातचीत के संकेत मिले हैं. कुछ चैट डिलीट मिली हैं, जिन्हें रिकवर करने के लिए मोबाइल फोन फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजे गए हैं.
अब मोबाइल चैट्स होंगे रिकवर?
जांच एजेंसियों की नजर अब राम मंदिर परिसर में व्हीलचेयर चलाने वाले कुछ लोगों की संपत्तियों पर भी है. सूत्रों का कहना है कि जांच में एक ऐसे व्यक्ति का पता चला है, जिसके पास चार पहिया वाहन और खरीदी गई जमीन है. अब पुलिस उनकी आय, संपत्ति और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही है.

























