इलाहाबाद सेंट्रल युनिवर्सिटी में रैगिंग का एक और मामला, हाई लेवल कमेटी करेगी जांच
इलाहाबाद युनिवर्सिटी में रैगिंग का एक और मामला सामने आया है। इस मामले में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने चार छात्रों को नोटिस भेजा है। बहरहाल पूरे मामले की जांच के लिये हाई लेवल कमेटि गठित की गई है।

प्रयागराज, मोहम्मद मोइन। पूरब का आक्सफोर्ड कही जाने वाली इलाहाबाद सेंट्रल युनिवर्सिटी में रैगिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। दो हफ्ते पहले हुई रैगिंग का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि रैगिंग और मारपीट का एक नया मामला सामने आया है। युनिवर्सिटी प्रशासन ने इस मामले में चार आरोपी छात्रों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब कर लिया है। इतना ही नहीं मामले की जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी भी गठित कर दी गई है। युनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ न सिर्फ निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी, बल्कि इनके खिलाफ पुलिस में भी केस दर्ज कराया जाएगा। हालांकि युनिवर्सिटी के ज़िम्मेदार लोग इसे मारपीट व आपसी विवाद का मामला मान रहे हैं। उनका मानना है कि शिकायतकर्ता बीए थर्ड इयर का छात्र है और वह छात्रसंघ का चुनाव भी लड़ चुका है, ऐसे में इस घटना में रैगिंग की संभावना कम ही है।
चीफ प्रॉक्टर प्रोफ़ेसर रामसेवक दुबे के मुताबिक पीड़ित छात्र ने मारपीट के साथ ही लगातार रैगिंग व मानसिक उत्पीड़न किये जाने की भी लिखित शिकायत की है, इसलिए इस मामले को फिलहाल रैगिंग ही मानकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह मामला इलाहाबाद सेंट्रल युनिवर्सिटी के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल से जुड़ा हुआ है।
इसी हॉस्टल में रहने वाले बीए थर्ड इयर के छात्र शकील अहमद ने कल चीफ प्रॉक्टर आफिस में लिखित शिकायत कर हॉस्टल के ही चार छात्रों पर रैगिंग का सनसनीखेज आरोप लगाया। शिकायत में यह भी कहा गया कि एमए में पढ़ाई करने वाले चार छात्र पिछले काफी समय से उसकी रैगिंग कर रहे हैं और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती है। शिकायत पर युनिवर्सिटी प्रशासन ने एक हाई लेवल जांच कमेटी गठित कर दी है और चारों आरोपी छात्रों को नोटिस जारी कर उन्हें छब्बीस अगस्त को तलब कर लिया है।






















