Prayagraj: फीस जमा नहीं होने पर स्कूल ने स्टूडेंट को परीक्षा से रोका, गेट पर पिता का घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा
प्रयागराज में फीस जमा नहीं होने पर स्कूल प्रबंधन ने छात्र को परीक्षा देने से रोक दिया. खबर मिलने पर पिता ने स्कूल के बाहर धरना दे दिया. मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस और मजिस्ट्रेट को भी आना पड़ा.

Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज के एक नामी कान्वेंट स्कूल में फीस जमा नहीं होने पर स्टूडेंट को क्लास से निकाले जाने के विरोध में आज जमकर हंगामा मचा. स्टूडेंट के पिता बच्चे को लेकर स्कूल के बाहर अनशन पर बैठ गए. अनशन पर बैठने वाले स्टूडेंट के पिता चंद्रशेखर रावण की आजाद समाज पार्टी से के नेता हैं और इसी साल विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. इसके चलते स्कूल के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई. कुछ ही देर में मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि इलाके की पुलिस और मजिस्ट्रेट को आना पड़ा.
हंगामा बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन ने दी परीक्षा में बैठने की इजाजत
बहरहाल, हंगामा बढ़ता देख स्कूल प्रबंधन को बैकफुट पर आना पड़ा और फीस जमा किए बिना ही स्टूडेंट को इम्तिहान में बैठने की इजाजत दे दी. हंगामे के चलते स्कूल में पढ़ने वाले तमाम बच्चों और अभिभावकों को भी कुछ देर परेशानियों का सामना करना पड़ा. अनशन पर बैठने वाले नेता आखिरी दम तक अड़े रहे कि दोनों बेटों की दो-दो साल की करीब सवा-सवा लाख रुपए की बकाया फीस ज्यादा नहीं होती है और एक साल के बाद चुकता कर देंगे. इस दौरान स्कूल उनके बेटों को कतई क्लास में शामिल होने से नहीं रोक सकता. नेताजी की इस बेतुकी दलील को सुनकर कई लोग चुटकियां लेते भी दिखे.
मामला सिविल लाइंस इलाके के ब्वायज हाई स्कूल एंड कॉलेज का है. ब्वायज हाई स्कूल एंड कॉलेज प्रयागराज का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित स्कूल माना जाता है. सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की शुरुआती पढ़ाई भी इसी स्कूल में हुई थी. इसी स्कूल में आजाद समाज पार्टी के नेता राजेंद्र पटेल के दो बेटे भी पढ़ते हैं. राजेंद्र पटेल पहले समाजवादी पार्टी में थे और समाजवादी पार्टी के एक पूर्व सांसद के जनसंपर्क अधिकारी भी रहे हैं.
नोटिस के बावजूद दो बच्चों की फीस नहीं जमा कर रहा था पिता
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक उन्होंने पिछले 2 वर्षों में दोनों बेटों की फीस भी नहीं जमा की थी. स्कूल ने कई बार नोटिस दिया. डेढ़ महीने पहले उन्होंने एक बच्चे की फीस के मद में तकरीबन पचीस हज़ार रुपये जमा किये. दोनों बेटों की फीस अब भी तकरीबन सवा सवा लाख रुपए बकाया है. बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद राजेंद्र पटेल बेटों की फीस जमा करने को तैयार नहीं हुए तो स्कूल ने आज उनके एक बेटे को ऑफिस में बिठाए रखा और कहा कि कल से शुरू हो रहे हाफ इयरली एग्जाम में नहीं बैठ सकता. इसकी सूचना राजेंद्र पटेल को भी दी गई. नेताजी के नाम से मशहूर राजेंद्र पटेल बिना नंबर की बाइक पर सवार होकर पूरी तैयारी के साथ स्कूल पहुंचे. चादर बिछाई और अनशन पर बैठ गए.
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इस दौरान उन्होंने अनशन पर बैठने का एक पोस्टर भी लगा दिया. बगल में उन्होंने बेटे को भी बिठाकर उसका भी तमाशा बना डाला. थोड़ी देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी. राजेंद्र पटेल की सोशल मीडिया पर डाली गई सूचना पूरे शहर में तेजी से वायरल होने लगी. राजेंद्र पटेल का साफ कहना था कि अभी उनके पास पैसे नहीं हैं. एक साल और फीस नहीं दे सकते हैं. एक साल बाद तीन वर्षों की फीस एकमुश्त देने की कोशिश करेंगे. उनके मुताबिक फीस का पैसा नहीं भरने की वजह से स्कूल उनके बेटे को इम्तिहान में बैठने से कतई नहीं रोक सकता. सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने लगा तो इलाके की पुलिस पहुंची. थोड़ी देर में मौके पर मजिस्ट्रेट भी आ गए.
इस बीच स्कूल प्रशासन ने सच्चाई सामने रखी. राजेंद्र पटेल की ज़िद सुन मजिस्ट्रेट ने भी अनशन खत्म करने को कहा. नेता जी इसके लिए तैयार नहीं हुए तो पुलिस को अपना तेवर दिखाना पड़ा. इसके बाद नेता जी ने मजिस्ट्रेट से तीन महीने में पूरा भुगतान करने का वादा किया और बेटे को इम्तिहान में बैठने की मोहलत दिला दी. घंटों चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद साफ हुआ कि अनशन पर बैठने वाले नेताजी राजेंद्र पटेल रसूख के दम पर फीस देना ही नहीं चाहते थे. राजेंद्र पटेल की पत्नी कौशांबी जिले में संस्कृत विद्यालय में टीचर हैं. बहरहाल मामला सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में है.























