गाज़ियाबाद की महिला पुलिस इंस्पेक्टर को नहीं मिली हाईकोर्ट से जमानत, जाना पड़ेगा जेल
गाजियाबाद में पुलिसकर्मियों द्वारा बरामद की गई रकम के साथ जालसाजी करने के मामले में महिला पुलिस इंस्पेक्टर को हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिली है। अब इन सभी का जेल जाना तय है।

प्रयागराज/गाजियाबाद, एबीपी गंगा। गाज़ियाबाद में लाखों रूपये की हेराफेरी करने के आरोप में सस्पेंड की गई महिला पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान को शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने लक्ष्मी चौहान की अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया है। इस मामले में इंस्पेक्टर लक्ष्मी के साथ आरोपी बनाए गए पांच पुलिस कांस्टेबलों को भी कोर्ट से कोई राहत नहीं मिल सकी है। अदालत ने उन्हें भी अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए सभी की अर्जियों को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट से मिले इस बड़े झटके के बाद महिला पुलिस इंस्पेक्टर लक्ष्मी चौहान व उनके साथ आरोपी बनाए गए पुलिस कांस्टेबलों का अब जेल जाना तकरीबन तय हो गया है। केस की सुनवाई कर रही जस्टिस डीके सिंह की बेंच ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है और इसी आधार पर आरोपियों को कोई राहत नहीं दी है।
गौरतलब है कि गाज़ियाबाद के लिंक रोड थाने की इंचार्ज रही इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी से करोड़ों की रकम चोरी किये जाने के मामले का खुलासा किया था। उन्होंने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से बड़ी रकम बरामद की थी, लेकिन सरकारी लिखापढ़ी में तकरीबन सत्तर लाख रूपये कम दिखाए थे। आरोप है कि इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह व थाने के छह सिपाहियों ने यह रकम आपस में बांट ली थी।
इस मामले में गाज़ियाबाद के एसपी सिटी श्लोक कुमार ने जांच की थी और इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह के घर पर छापेमारी कर कुछ रकम भी बरामद की थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद लक्ष्मी चौहान समेत सभी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया था। इनकी अग्रिम जमानत की अर्जी मेरठ की कोर्ट से पहले ही खारिज हो चुकी थी। इनके खिलाफ अदालत से गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुका है। आरोपियों की तरफ से खुद को बेगुनाह बताया गया था, लेकिन अदालत ने उनकी सभी दलीलों को खारिज कर दिया।
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