उत्तराखंड में 6 मार्च को PM मोदी का दौरा, प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था, इस मंदिर में करेंगे दर्शन
Uttarakhand News: 6 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं. इसको लेकर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है. सभी जगहों पर प्रशासन द्वारा चेंकिग अभियान चलाया जा रहा है.

Uttarakhand News: उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छह मार्च को प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है. जौलीग्रांट एयरपोर्ट और उत्तरकाशी जिले के विभिन्न इलाकों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है. प्रधानमंत्री अपने विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से उत्तरकाशी जाएंगे. उनके दौरे को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. पुलिस मुख्यालय से विशेष अधिकारियों को उत्तरकाशी भेजा गया है, वहीं स्थानीय पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर कमांडेंट पीएसी प्रीति प्रियदर्शनी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ब्रीफिंग की. सभी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि वे ड्यूटी स्थल पर समय से तीन घंटे पूर्व पहुंचे और अपने प्रभारी अधिकारी को रिपोर्ट करें.
पीएम मोदी के दौरे को लेकर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, जौलीग्रांट एयरपोर्ट, होटल, धर्मशालाएं, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेगा और बिना अनुमति ड्यूटी स्थल नहीं छोड़ेगा. किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए बम निरोधक दस्ता और स्वाट टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरे में मुखवा गांव में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे. गंगोत्री मंदिर समिति ने उन्हें पारंपरिक पहाड़ी परिधान 'चपकन' पहनाने का निर्णय लिया है. यह विशेष परिधान पारंपरिक रूप से मुखवा गांव में सम्मान का प्रतीक माना जाता है और इसे गर्म कोट की तरह पहना जाता है.
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को लेकर विशेष तैयारियां की गई
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल के अनुसार, यह चपकन तीर्थ पुरोहित भी पूजा-अर्चना के समय पहनते हैं. समिति चाहती है कि प्रधानमंत्री भी इसे धारण कर मां गंगा की आराधना करें, जिससे इस पारंपरिक पोशाक को राष्ट्रीय पहचान मिले. प्रधानमंत्री के इस दौरे को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि प्रधानमंत्री का यह दौरा सफल और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके.
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मुखवा गांव के ग्रामीणों ने विशेष तैयारियां की हैं. उनके स्वागत में पारंपरिक रासौं नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी. इस नृत्य में गांव के पुरुष और महिलाएं रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में प्रस्तुति देंगे. लोक गायक रजनीकांत सेमवाल के अनुसार, ग्रामीण इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं और पूरे उत्साह के साथ प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी कर रहे हैं.
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Source: IOCL























