पीलीभीत में बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, टीन शेड में संचालित स्कूल की छत गिरी
Pilibhit School Roof Collapsed: बीसलपुर ब्लॉक क्षेत्र के अमृता खास गांव स्थित 'श्री बालक राम सरस्वती शिशु मंदिर' स्कूल की छत गिर गई, हादसे में स्कूल शिक्षिकाएं और बच्चे घायल घायल हुए हैं.

पीलीभीत में शिक्षा विभाग की अनदेखी और लापरवाही उस वक्त बच्चों पर भारी पड़ गई, जब टीन शेड के नीचे संचालित स्कूल की छत अचानक गिर गई. इस हादसे में 2 महिला शिक्षिकाएं और कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गएं, हादसे के बाद आनन-फानन में स्थानीय लोगों और स्कूल स्टाफ की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल की मान्यता और प्रशासन पर सवाल उठाए हैं.
जानकारी के मुताबिक, यह मामला पीलीभीत के बीसलपुर ब्लॉक क्षेत्र के अमृता खास गांव स्थित 'श्री बालक राम सरस्वती शिशु मंदिर' का है. बताया गया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हमेशा की तरह स्कूल में पढ़ाई चल रही थी, करीब 300 बच्चे स्कूल परिसर में मौजूद थे, तभी अचानक एक बड़ा हादसा हो गया. क्लास के ऊपर लगी भारी-भरकम टीन की छत भरभरा कर नीचे आ गिरी.
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टीन शेड गिरते ही मच गई अफरा-तफरी
वहीं, टीन शेड गिरते ही पूरे स्कूल में चीख-पुकार मच गई. शेड के मलबे में एक दर्जन मासूम बच्चे और 2 शिक्षिकाएं दब गईं. बच्चों की चीखें सुनकर आसपास के ग्रामीण और स्कूल स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे से बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया. सभी घायलों को तुरंत बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर रूप से घायल बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है.
तेज हवा चलने की वजह से हादसा
वहीं हादसे पर स्कूल प्रशासन का कहना है कि मंगलवार सुबह अचानक तेज हवा चलने की वजह से यह हादसा हुआ, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर था और टीन शेड को मजबूत पिलर के बजाय लकड़ी के कमजोर खंभों के सहारे टिकाया गया था, जो बच्चों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ था. इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने स्कूल की मान्यता पर भी सवाल खड़े किए हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है. एसडीएम नागेंद्र पांडे ने कहा है कि पूरे मामले की प्रशासनिक जांच कराई जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और अगर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और मामले की जांच की जा रही है. लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा के साथ यह खिलवाड़ आखिर कब तक चलेगा?
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