पीलीभीत DIOS ऑफिस में करोड़ों का गबन, चपरासी की दो पत्नियों, 4 माशूकाओं समेत 7 महिलाएं अरेस्ट
Pilibhit News: पीलीभीत में DIOS ऑफिस में करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले में पुलिस ने सात महिलाओं को गिरफ़्तार किया है, जिनमें दो मुख्य आरोपी की पत्नी है और चार उसकी माशूकाएं हैं.

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में DIOS ऑफिस में करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात महिलाओं को गिरफ़्तार किया है. इनमें दो महिलाएं मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी की पत्नियां और 4 प्रेमिकाएं शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक आरोपी DIOS आफिस में चपरासी था और इन महिलाओं के शौक पूरे करने के लिए उसने करोड़ों रुपये के सरकारी धन में गबन किया.
पीलीभीत पुलिस ने इस मामले में आरोपी चपरासी इल्हाम शम्सी की दो पत्नियों लुबीना नबी, परवीन खातून समेत फातिमा, आशकारा, नाहिद और आफिया खान को भी गिरफ़्तार किया है. ये चारों उसकी माशूकाएं थी और इनके खाते में आरोपी ने करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस ने फ्रीज की 5.50 करोड़ की राशि
पुलिस के मुताबिक आरोपी शम्सी ने लगभग 8 करोड़ रुपये का 53 अलग-अलग खातों पैसा ट्रांसफ़र किया था. इस पैसे से ये महिलाएं न केवल अपने शौक पूरे करती थी बल्कि करोड़ों की जमीन भी खरीद कर उसके सौदागरी करती थी. पुलिस ने जांच के दौरान इन खातों में मौजूद करीब 5.50 करोड़ की भारी भरकम राशि को फ्रीज करवा दिया है.
पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं मुख्य आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा है. इस मामले को लेकर एएसपी ने कहा कि पुलिस द्वारा इनसे पूछताछ की जा रही है. जिसके वाद अभी कई बड़े चेहरे अधिकारी बाबुओं के भी नाम सामने आ सकते है. जिसकी जानकारी बाद में दी जाएगी.
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करोड़ों के सरकारी पैसे का गबन
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि बीते 13 फरवरी को DIOS की तहरीर पर एक मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर DIOS ऑफिस में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इल्हाम शम्सी द्वारा सरकारी धनराशि का कूट रचित ढंग से गबन किया गया था. मामले से जुड़ी 7 महिलाओ को गिरफ्तार किया गया है. इन महिलाओं के खाते में 8.15 करोड़ की धनराशि का गबन कर ट्रांसफर की गई थी.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5.50 करोड़ की धनराशि की फ्रीज कर दी है. उक्त प्रकरण की जांच अभी जारी है. थाना पुलिस एवं अन्य टीमों द्वारा पूछताछ की जा रही है. इन सातों महिलाओ को जेल भेजा जा रहा है. बताया जा रहा है कि ऐसे 53 खातों में ये ट्रेजरी विभाग से टोकन जनरेशन की आड़ में फर्जी तरीके से बेनिफिशियरी आईडी तैयार की गई थी.
इस गबन का अधिकतर पैसा जमीन खरीदने में उपयोग किया गया है. इसमें से दो आरोपी की पत्नी है और बाकी इसकी रिश्तेदार माशूकाएं है. इनके खाते में जो धनराशि आ रही थी उसका ये महिलाएं उपयोग कर रही थी. इस घटना को लेकर गुड वर्क करने वाली कोतवाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपए का नकद इनाम देकर प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा.
















