Pilibhit News: पीलीभीत में शहीद भगत सिंह स्वागत द्वार पर विवाद, फोटो ही कर दी गायब, अब जांच के आदेश
Pilibhit News In Hindi: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से सटे बॉर्डर क्षेत्र अमरिया सिख बाहुल्य क्षेत्र में यह स्वागत द्वार बनाकर खड़ा किया गया है. शहीद भगत सिंह का फोटो स्वागत द्वार से गायब है.

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में इन दिनों जिला पंचायत विभाग द्वारा बनवाए गए शहीद भगत सिंह स्वागत द्वार को लेकर विभाग की खासा फजीहत हो रही है. क्यूंकि करोड़ों रुपए की लागत से बने इस द्वार में स्थानीय नेताओं की तो फोटो है, लेकिन शहीद भगत सिंह की तस्वीर नदारद है. जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन की आलोचना हो रही है. यही नहीं कई राहगीरों ने ये वीडियो भी बनाकर वायरल कर दिया है. जिससे विपक्ष को भी आलोचना का मौका मिल गया है.
मामले के तूल पकड़ने के बाद अधिकारी अब यह कहकर बचाव कर रहे हैं कि नियमावली में शहीद भगत सिंह का नाम नहीं है. इसलिए फोटो नहीं लगाया है. आलोचना के बाद अब जांच की बात कही जा रही है.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल जिला पंचायत विभाग के बजट से यूपी उत्तराखंड से सटे बॉर्डर क्षेत्र अमरिया सिख बाहुल्य क्षेत्र में यह स्वागत द्वार बनाकर खड़ा किया गया है. स्वागत द्वार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर सांसद जितिन प्रसाद व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के फोटो लगाए हैं. लेकिन जिनके नाम पर इस लाखों की कीमत का स्वागत द्वार बनाया गया, बस उस पर से उनकी फोटो गायब कर दी.
इस गलती को लेकर वहां से गुजरने वाले लोगों में से एक राहगीर ने उसका वीडियो बनाया और देश के नाम राजनीति करने वाले नेताओं को लेकर सवाल खड़ा कर दिया. फिर क्या विपक्ष के नेताओं ने भी सत्ता की कमी को सोशल मीडिया पर उनकी नाकामी बताते हुए तमाम सवाल खड़े कर दिए.
जनपद में 11 करोड़ से एक दर्जन द्वार बनवाए गए
यहां बता दें कि जिले में लगभग 11 करोड़ की लागत से बनाए गए एक दर्जन द्वारा बनवाये गए. अब उनके निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार और तमाम देशभक्ति के नाम का ढिंढोरा पीटने वाले भाजपा नेताओं पर विपक्षी नेताओं ने तंज कसना शुरू कर दिया है.
नियमावली का हवाला दे रहे अधिकारी
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने इस मामले में बताया कि शहीद भगत सिंह के नाम पर टेंडर प्रक्रिया के तहत स्वागत त्यौहार बनवाए गए हैं. इन सभी द्वारा को लेकर सभी जनप्रतिनिधियों के पोस्टर उस पर लगाए गए हैं. लेकिन शाहिद भगत सिंह का पोस्टर फोटो नियमावली में नहीं है. इसकी जांच कराई जाएगी.




















