शुभम की मौत के बाद ससुर ने सरकार से कि कार्रवाई की मांग, इसलिए CM योगी का जताया आभार
UP News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में जान गवाने वाले कानपुर के शुभम द्विवेदी की के ससुर ने पार्थिव शरीर को लाने में योगी सरकार का आभार जताया. साथ ही पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग की.

Kanpur News: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने कानपुर के एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की आतंकियों ने केवल धर्म पूछकर गोली मारकर हत्या कर दी. शुभम की पत्नी ऐशान्या और परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों के सामने यह दिल दहला देने वाली वारदात घटी.
घटना उस समय हुई जब शुभम अपनी पत्नी, ससुर, बहन और अन्य परिजनों के साथ पहलगाम की ऊपरी चढ़ाई पर घोड़े से सैर कर रहा था. ऐशान्या ने बताया कि “हम लोग ऊपर पहुंचे ही थे, शुभम ने मैगी ऑर्डर की थी और हम खाने ही जा रहे थे. तभी एक व्यक्ति आया और पीछे से पिस्तौल तानते हुए पूछा, हिंदू हो या मुसलमान? मुसलमान हो तो कलमा पढ़कर दिखाओ. हम घबरा गए, समझ ही नहीं आया. शुभम ने हंसते हुए कहा-क्या हुआ? फिर उसने दोबारा पूछा, हिंदू हो या मुसलमान? हमने कहा-हिंदू हैं, और बस उसने शुभम पर गोली चला दी.”
शुभम की पत्नी ने सुनाई हमले वाले दिन की आपबीती
ऐशान्या रोते हुए बताती हैं कि सबसे पहली गोली शुभम पर चलाई गई. इसके बाद हमलावर ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए. इस हमले में शुभम की मौके पर ही मौत हो गई. शुभम की मौत से उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है.
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने बताया कि वह नीचे रुके थे, जबकि बाकी परिवार ऊपर गया था. थोड़ी देर बाद बहू का फोन आया कि शुभम को गोली मार दी गई है. प्रशासन शुरू में स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा था, लेकिन ऐशान्या को पहले ही विश्वास हो गया था कि शुभम अब नहीं बचे. संजय द्विवेदी ने सरकार से मांग की है कि पाकिस्तान को इस कायराना हरकत का माकूल जवाब दिया जाए.
शुभम के ससुर ने केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की
शुभम के ससुर राजेश पांडेय ने बताया कि वह भी साथ में ऊपर गए थे. लेकिन वॉशरूम के लिए अलग हो गए थे. उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी और जब बाहर आए तो देखा कि कई लोग घायल हो चुके थे, लेकिन वे कुछ समझ नहीं पाए. राजेश ने कहा कि उनकी बेटी की सिर्फ दो महीने पहले ही शादी हुई थी और अब वह विधवा हो गई है.
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया कि पार्थिव शरीर को लाने में प्रशासन ने पूरी मदद की, और साथ ही केंद्र सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. यह हमला एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करता है कि कब तक निर्दोष नागरिकों को आतंकवाद की भेंट चढ़ना होगा.
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Source: IOCL





















