'मैं आपके माता पिता...', सपा विधायक के बयान पर ओम प्रकाश रजभर का पलटवार
कैबिनेट मंत्री ने ओम प्रकाश राजभर ने कहा-"मेरी पैदाइश को लेकर की गई आपकी टिप्पणी सिर्फ इसलिए आई क्योंकि मैं किसी जमींदार या ऊंची जाति में पैदा नहीं हुआ, बल्कि बेहद गरीब, असहाय जाति में जन्म लिया."

समाजवादी पार्टी के विधायक ओम प्रकाश सिंह ने हाल ही में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और कैबिनेट मंत्री अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर को लेकर बयान दिया था. अब उनके इस बयान पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पलवार किया है.
सपा विधायक ओम प्रकाश सिंह के दुर्घटना की पैदाइश वाले बयान पर ओम प्रकाश राजभर ने एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा. ओपी राजभर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-"मित्र ओम प्रकाश सिंह, पिछले दो दिनों से आपका बयान मेरे सामने आ रहा है. मुझे आपके बयान से हैरानी नहीं हुई बल्कि आप पर तरस आया."
कैबिनेट मंत्री ने कहा-"मेरी पैदाइश को लेकर की गई आपकी टिप्पणी सिर्फ इसलिए आई क्योंकि मैं किसी जमींदार या ऊंची जाति में पैदा नहीं हुआ, बल्कि बेहद गरीब, असहाय जाति में जन्म लिया. मुझे इसका कभी दुख नहीं रहा कि मैं राजभर हूं, बल्कि खुशी है कि जिस समाज में पैदा हुआ उसके लिए कुछ करने की नीयत और हौसला मेरे अंदर है."
सुभासपा चीफ ने कहा-"करना चाहूँ तो मैं भी आप पर अनर्गल टिप्पणी कर सकता हूं लेकिन छोटी जाति होकर भी हम राजभरों को किसी व्यक्ति के माता पिता पर गलत बयानी करना नहीं सिखाया गया. मैं आपके माता पिता के चरण छूकर उन्हें प्रणाम करता हूं. कौन कब, कहां, किस कुल में, किस जाति में पैदा होगा, ये हम तो तय नहीं करते. करने वाले तो परमात्मा हैं, ईश्वर हैं, भगवान हैं."
हम कर्म करते हैं, कर्म के फल की चिंता नहीं करते- ओपी राजभर
उन्होंने कहा-"खैर, आप लोग कहां ईश्वर को मानते हैं. मानते होते तो भगवान राम का अपमान, रघुकुल का अपमान, सूर्यवंश का अपमान और सनातन का करने वाली समाजवादी पार्टी में अपमान का घूंट पीकर एक अदने से विधानसभा के टिकट के लिए थोड़ी ना पड़े रहते. हम कर्म करते हैं, कर्म के फल की चिंता नहीं करते."
हम आपसे माफी की उम्मीद भी नहीं करते- राजभर
ओम प्रकाश राजभर ने कहा-"हमने राजभरों के साथ पिछड़ों, दलितों और शोषितों के लिए आवाज़ बुलंद करने का प्रण लिया है और उसी प्रण को पूरा करने के लिए लगा हूं. आपको सपा का टिकट चाहिए, बेशक लीजिए. जनता देख रही है. आपको भी, आपकी पार्टी को भी. नतीजा भी वही देगी. मित्र, आप माफी तो नहीं मांगेंगे और हम आपसे माफी की उम्मीद भी नहीं करते. पर एक बार अपने माता पिता को याद करके सोचिएगा कि मुझ जैसे छोटी जाति के व्यक्ति पर जो टिप्पणी की है, वो उचित है या नहीं. बाकी ईश्वर आपका भला करे.जय श्रीराम"





















