लंबे समय बाद लखनऊ में कोरोना से एक भी मौत नहीं, 24 घंटे में सामने आए 306 नए मामले
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि लखनऊ की मलिन बस्तियों से कुल 11,622 सैंपल लिए गए थे. ये सैंपल 19 से 21 नवंबर के बीच लिए गए थे. हैरानी वाली बात है कि इन सैंपलों में से एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला.

लखनऊ: लंबे समय बाद लखनऊ में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है. हालांकि प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. लखनऊ में 24 घंटे में 306 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए और करीब 265 लोग डिस्चार्ज किए गए. प्रदेश में अब तक कुल 5,37,747 कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं. वहीं एक्टिव केस की संख्या 25,639 पहुंच गई है.
कोरोना वायरस मलिन बस्तियों में नहीं बल्कि पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोगों पर असरदार हमला कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मलिन बस्तियों में कराए गए करोना टेस्ट का आंकड़े तो यही कह रहे हैं. दरअसल, पिछले दिनों लखनऊ की मलिन बस्तियों से 11 हजार से अधिक सैंपल लिए गए थे, लेकिन इनमें से एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला.
मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की अम्युनिटी अच्छी स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि लखनऊ की मलिन बस्तियों से कुल 11,622 सैंपल लिए गए थे. ये सैंपल 19 से 21 नवंबर के बीच लिए गए थे. हैरानी वाली बात है कि इन सैंपलों में से एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां 6,850 एंटीजन और 4,772 आरटीपीसीआर टेस्ट किये थे. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि यहां रहने वाले लोगों की की इम्युनिटी पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से ज्यादा मजबूत है. यही वजह है कि कोरोना यहां असरदार साबित नहीं हो रहा है.
लखनऊ के एडिशनल सीएमओ और कांटेक्ट ट्रेसिंग टीम के प्रभारी डॉ. एमके सिंह कहते हैं कि उन्हें भी ये नतीजें देखकर हैरत हुई. हालांकि इसकी सबसे बड़ी वजह फिलहाल ये ही समझ आती है कि इन बस्तियों में रहने वाले लोगों की इम्युनिटी इतनी मजबूत है कि कोरोना वायरस इन पर हमला नही कर पाया. या संभव है कि कुछ में कोरोना हमला हुआ हो, लेकिन इनकी इम्युनिटी अच्छी होने की वजह से ज्यादा असर नही डाल पाया और किसी को पता भी नही चला.
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