नोएडा: महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 43 लाख से अधिक की साइबर ठगी, एक गिरफ्तार
Noida News: थाना साइबर क्राइम थाना में 31 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था. पीड़िता, जो सेक्टर-62 नोएडा की निवासी है, ने बताया था कि कुछ अज्ञात साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बताकर उनसे ठगी की.

उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. जिसमें उसने महिला से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 43 लाख से अधिक की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार हुआ है. पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी मदन कुमार है जो राजस्थान के हनुमान गढ़ में सूरतगढ़ के गांव का रहने वाला मदन कुमार है. पुलिस ने उसे उसके घर से दबोचा है और उसके कब्जे से दो मोबाइल भी बरमाद हुए हैं. पुलिस उसके बाकी साथियों की तलाश कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मामला थाना साइबर क्राइम थाना में 31 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था. पीड़िता, जो सेक्टर-62 नोएडा की निवासी है, ने बताया था कि कुछ अज्ञात साइबर अपराधियों ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर उन पर अवैध फंडिंग का आरोप लगाया. इसके बाद फर्जी दस्तावेज भेजकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लेने की धमकी दी गई. गिरफ्तारी के भय से महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 43,17,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस ने खाते फ्रीज किए
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों को तुरंत फ्रीज किया. पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया. उसने बताया कि वह सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) की दुकान चलाता है और अपने करंट बैंक खाते के जरिए साइबर ठगों को कमीशन लेकर नकद राशि उपलब्ध कराता है. इसी धोखाधड़ी में उसके बैंक खाते में 7,80,000 आए थे, जिन्हें उसने अपने साथियों की मदद से बैंक से निकाल लिया था.
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. पुलिस ने लोगों को इस तरह की ठगी से बचने के लिए जागरूक रहने की अपील की है.
व्हाट्सएप क#ल पर रहें सावधान- पुलिस
पुलिस ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति व्हाट्सएप या वीडियो कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाए, तो पहले उसके नाम और नंबर की जांच सरकारी वेबसाइट या संबंधित विभाग से अवश्य करें. किसी भी अज्ञात कॉल करने वाले द्वारा पार्सल, हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर डराया जाए, तो घबराने की बजाय तुरंत साइबर सेल या नजदीकी थाने में शिकायत करें.























