एक्सप्लोरर

कभी नेहरू की पहचान थी फूलपुर लोकसभा सीट, अब कितना बदला है सियासी समीकरण

फूलपुर लोकसभा सीट एक चर्चित सीट रही है। इस लोकसभा क्षेत्र से कभी पंडित नेहरू चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे।

लखनऊ, एबीपी गंगा। लोकसभा चुनाव के छवे चरण में यूपी की 14 सीटों पर मतदान है, जिसमें फूलपुर लोकसभा सीट भी शामिल है। ये सीट देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की पहचान हुआ करती थी, वर्तमान के फूलपुर का सियासी समीकरण कितना बदल चुकी है, इस रिपोर्ट में पढ़िए....

फूलपुर लोस सी 1975010--------------कुल मतदाता 1083213----------------पुरुष मतदाता 891797--------------------महिला मतदाता

2014--- केशव प्रसाद मौर्य---भाजपा----मत मिले----503564 धर्मराज सिंह पटेल-----सपा------मत मिले-----195256 कपिल मुनि करवरिया------------बहुजन समाज----पार्टी मत--163710 मोहम्मद कैफ------भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस----मत मिले-----58127

1952 के आम चुनाव से पहले फूलपुर सीट इलाहाबाद ईस्ट कम जौनपुर वेस्ट कहलाती थी। यहां से देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू 1952 में निर्वाचित हुए। 1957 व 1962 में भी जीते। उनके निधन के बाद 1964 के उपचुनाव में उनकी बहन विजय लक्ष्मी पंडित जीतीं। 1969 में उपचुनाव हुआ और जनेश्वर मिश्रा विजयी हुए। 1971 में इंदिरा गांधी ने जनेश्वर मिश्र के खिलाफ विश्वनाथ प्रताप सिंह को उतारा और वह जीते। 1977 में भारतीय लोकदल की कमला बहुगुणा जीतीं। इसके बाद यहां से सांसदों के चेहरे और पार्टियां बदलती रहीं। 2004 में बाहुबली अतीक अहमद जीते। 2009 में बसपा उम्मीदवार कपिल मुनि करवरिया को जीत मिली। 2014 के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार केशव प्रसाद मौर्या को जीत मिली। केशव प्रसाद की जीत के साथ ही पहली बार यह सीट भाजपा के खाते में आई थी।

इस बार मैदान में उतरनेवाले प्रत्याशी

इस बार कांग्रेस ने पंकज निरंजन, बीजेपी ने केशरी देवी पटेल, सपा-बसपा गठबंधन ने पंधारी यादव को उतारा है। आम आदमी पार्टी ने भवानी नाथ और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) ने प्रिया सिंह पॉल को प्रत्याशी घोषित किया है। हर प्रत्याशी जीत का दावा कर रहा है।

संसदीय क्षेत्र में शामिल विस क्षेत्र फाफामऊ, सोरांव, फूलपुर, इलाहाबाद पश्चिम और इलाहाबाद उत्तर, फिलहाल चार सीटों पर भाजपा का कब्जा है। सोरांव सीट से अपना दल का प्रत्याशी जीता है। फूलपुर संसदीय क्षेत्र किसी दौर में देश की राजनीति का केंद्र बिंदु हुआ करता था। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की कर्मभूमि फूलपुर लोकसभा सीट पर 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने खाता खोला था। मार्च 2018 में हुए उपचुनाव में बसपा के समर्थन से सपा बीजेपी को करारी मात देने में कामयाब हुई थी। ऐसे में 2019 के लोकसभा चुनाव में एक बार फिर सपा-बसपा गठबंधन और बीजेपी के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है।

लोकसभा चुनाव 2014 में मोदी लहर के चलते पहली बार बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर केशव प्रसाद मौर्य सांसद चुने गए थे। फूलपुर के संसदीय इतिहास में पहली बार इस सीट पर कमल खिला था। लेकिन 2017 के विधानसभा चुनाव बाद फूलपुर से सांसद रहे केशव मौर्य यूपी के डिप्टी सीएम बने, जिसके चलते उपचुनाव हुए। सपा के नागेंद्र पटेल ने बीजेपी के कौशलेंद्र पटेल को मात देकर ये सीट छीन ली।

नेहरू की विरासत फूलपुर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजादी के बाद पहली बार 1952 में हुए लोकसभा चुनाव में फूलपुर संसदीय सीट को अपनी कर्मभूमि के लिए चुना और वह लगातार 1952, 1957 और 1962 में यहां से सांसद निर्वाचित हुए। नेहरू के धुर-विरोधी रहे समाजवादी नेता डॉ. राम मनोहर लोहिया 1962 में फूलपुर लोकसभा सीट से उनके सामने चुनावी मैदान में उतरे, लेकिन वो जीत नहीं सके। अब तक सिर्फ दो ही ऐसे नेता हैं जो इस सीट से हैट-ट्रिक बना पाए हैं। पहले जवाहरलाल नेहरू और दूसरे हैं रामपूजन पटेल जो 1984, 1989 और 1991 में इस सीट से सांसद रहे।

विजय लक्ष्मी ने संभाली विरासत

1964 में नेहरू के निधन के बाद उनकी बहन विजय लक्ष्मी पंडित फूलपुर से उतरीं और जीत दर्ज कर सांसद बनीं। विजय लक्ष्मी ने 1967 में जनेश्वर मिश्र को भी हराया। 1969 में विजय लक्ष्मी के इस्तीफे के बाद उपचुनाव में कांग्रेस ने केशवदेव मालवीय उतरे, जिन्हें सोशलिस्ट पार्टी के जनेश्वर मिश्र मात देकर सांसद बने। कांग्रेस ने इस सीट को दोबारा पाने के लिए 1971 में वीपी सिंह को मैदान में उतारा और वो जीत दर्ज करके सांसद बने। इसके बाद 1977 में आपातकाल के दौर में एक बार कांग्रेस के हाथों से ये सीट खिसक गई।

1980 में हुए चुनाव में फूलपुर से लोकदल के प्रत्याशी बीडी सिंह जीतकर सांसद बने। 1984 में कांग्रेस ने दोबारा से रामपूजन पटेल को मैदान में उतारा। इस बार कांग्रेस की उम्मीदों पर खरे उतरते हुए उन्होंने जीत दर्ज की। लेकिन इसके बाद वो जनता दल में शामिल हो गए और लगातार तीन बार चुने गए।

सपा का मजबूत गढ़ फूलपुर लोकसभा सीट से कुर्मी समाज के कई सांसद बने हैं। इसके अलावा फूलपुर सीट पर एसपी का भी मजबूत जनाधार है। यही वजह है कि 1996 से लेकर 2004 और 2018 के उपुचनाव में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों ने यहां से जीत दर्ज की। 1996 और जंग बहादुर पटेल (दो बार) एसपी के टिकट पर सांसद रह चुके हैं। उन्होंने फूलपुर से 1996 और 1998 में समाजवादी पार्टी से जीत दर्ज की।

1999 में सपा ने धर्मराज पटेल को टिकट दिया तो उन्होंने भी जीत हासिल की। इसके बाद एसपी ने 2004 के लोकसभा चुनाव में अतीक अहमद को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया जो विजयी रहे, लेकिन इसके बाद 2009 के चुनाव में बीएसपी के टिकट पर पंडित कपिल मुनि करवरिया चुने गए और 2014 में बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य सांसद बने, लेकिन 2018 में हुए उपचुनाव में सपा ने एक बार कब्जा जमाया।

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा! खाई में गिरी बोलेरो, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा! खाई में गिरी बोलेरो, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
बाराबंकी नगर पालिका का 1 करोड़ का टेंडर निरस्त, धांधली के आरोपों पर DM का सख्त फैसला
बाराबंकी नगर पालिका का 1 करोड़ का टेंडर निरस्त, धांधली के आरोपों पर DM का सख्त फैसला
बुर्का पहन कांवड़ यात्रा पर निकलीं तमन्ना मलिक, बोलीं- किसी के बाप...'
बुर्का पहन कांवड़ यात्रा पर निकलीं तमन्ना मलिक, बोलीं- किसी के बाप...'
'कांवड़ यात्रा में अराजकता बर्दाश्त नहीं', CM योगी ने दी सख्त चेतावनी
'कांवड़ यात्रा में अराजकता बर्दाश्त नहीं', CM योगी ने दी सख्त चेतावनी

वीडियोज

R. Madhavan बोले- अब उन्हें CM Thalapathy Vijay कहना चाहिए, Politics पर दिया बड़ा जवाब
Kajal Raghwani ने Pawan Singh पर लगाए गंभीर आरोप, Khesari Lal Yadav को भी दिया जवाब
Bhojpuri Bawaal में Pawan Singh ने छोड़ा शो, Amrapali Dubey और Kajal Raghwani में बड़ी बहस
Bollywood News: उल्टा पड़ा दांव! 'आवारापन 2' के मेकर्स का ही दांव पड़ा उन पर भारी, घिरे विवादों में! (07.06.26)
Sansani: अतीक अहमद के बेटे की दर्दनाक मौत

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
शेख हसीना के मीडिया इवेंट पर आया भारत सरकार का बयान, जानें क्या कहा
शेख हसीना के मीडिया इवेंट पर आया भारत सरकार का बयान, जानें क्या कहा
अतीक अहमद के बेटे उमर और अली को कोर्ट से राहत, छोटे भाई आबान के जनाजे में हो सकेंगे शामिल
अतीक अहमद के बेटे उमर और अली को कोर्ट से राहत, छोटे भाई आबान के जनाजे में हो सकेंगे शामिल
पीएम मोदी की बैठक में पहली पंक्ति में सयानी घोष, यूसुफ पठान पर तस्वीर साफ
पीएम मोदी की बैठक में पहली पंक्ति में सयानी घोष, यूसुफ पठान पर तस्वीर साफ
रिटायरमेंट के 7वें दिन छलका रहाणे का दर्द, बोले- 'पानी पिलाने में...'
रिटायरमेंट के 7वें दिन छलका रहाणे का दर्द, बोले- 'पानी पिलाने में...'
Spider Man BO: ‘स्पाइडर मैन' 8वें दिन 400 करोड़ के हुई पार, 'बॉर्डर 2' से RRR तक 13 फिल्मों का रिकॉर्ड भी तोड़ा
‘स्पाइडर मैन' 8वें दिन 400 करोड़ के हुई पार, 'बॉर्डर 2' सहित 13 फिल्मों का रिकॉर्ड भी तोड़ा
लोकसभा में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन? MPs को व्हीप जारी, NDA के भी निर्देश
लोकसभा में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन? MPs को व्हीप जारी, NDA के भी निर्देश
ड्रोन हंटर्स बना रही भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन सिंदूर से क्या है इसका कनेक्शन?
ड्रोन हंटर्स बना रही भारतीय वायुसेना, ऑपरेशन सिंदूर से क्या है इसका कनेक्शन?
अबान की कार से मिलीं लिटरेचर की ये किताबें! भाई के लिए ले जा रहा था जेल
अबान की कार से मिलीं लिटरेचर की ये किताबें! भाई के लिए ले जा रहा था जेल
Embed widget