Iran Israel War: ईरान–इजरायल युद्ध से तेल बाजार में हलचल, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? लोगों की राय
Iran Israel War News: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर चिंताएं बढ़ गई है. अयोध्या के लोगों ने चिंता जताई.

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान–इजरायल–अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती भी दिख रही है. ऐसे में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है. धार्मिक नगरी अयोध्या में भी लोग संभावित महंगाई को लेकर चिंता जता रहे हैं.
2 मार्च को पेट्रोल की कीमत
अयोध्या के मां जालपा पेट्रोल पंप के मैनेजर महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 2 मार्च को पेट्रोल का दाम करीब 95 रुपये 5 पैसे प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत लगभग 88 रुपये 23 पैसे प्रति लीटर के आसपास है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध या तनाव की स्थिति का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है. यदि हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
मैनेजर महेंद्र त्रिपाठी ने आगे कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से कीमतें तय करती हैं. पेट्रोल पंप संचालकों को कंपनियों की ओर से जो भी निर्देश मिलते हैं, उसी के अनुसार दरें लागू की जाती हैं. यदि कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और महंगाई में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
युद्ध से आम आदमी की चिताएं बढ़ीं
पेट्रोल पंप पर पहुंचे स्थानीय निवासी शिवमूर्ति यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध जैसे हालात से आम आदमी की चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर परिवहन से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक पड़ेगा. ट्रांसपोर्ट महंगा होने पर खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं.
वैश्विक हालात चिंताजनक- ग्राहक
एक अन्य ग्राहक जितेंद्र सिंह ने भी वैश्विक हालात को चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है. भारत जैसे देश, जो बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं, वहां महंगाई बढ़ने की आशंका अधिक रहती है. उनका मानना है कि सभी देशों को मिलकर तनाव कम करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए, ताकि संभावित वैश्विक संकट को टाला जा सके.
फिलहाल अयोध्या में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई का दबाव झेल रही जनता के लिए ईंधन के दामों में संभावित बढ़ोतरी एक और चुनौती बन सकती है.
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Source: IOCL
























