Muzaffarnagar में किसानों ने अधिक बिल का आरोप लगा ट्यूबवेल से हटाए मीटर, समझाने में जुटा प्रशासन
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों ने अपने ट्यूबवेल से बिजली का मीटर हटा दिया है. उनका आरोप है कि इससे बिजली का बिल अधिक आएगा.

UP News: उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जनपद (Muzaffarnagar) में किसानों ने बिजली का बिल ज्यादा आने का आरोप लगाते हुए ट्यूबवेलों (Tube Well) के मीटर (Electricity Meters) उतारकर बिजली घर में जमा करा दिए हैं. तीन दिन पहले ही बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के उमरपुर गांव के ग्रामीणों ने ज़्यादा बिल आने का आरोप लगाया था. उन्होंने विद्युत विभाग (Electricity Department) द्वारा लगाए गए 61 मीटर उतारकर बिजली घरों में जमा करा दिए.
भारतीय किसान यूनियन का मिला साथ
उधर, पुरकाज़ी नगर पंचायत क्षेत्र तुगलकपुर, कम्हेड़ा, नगला दुहेरी सहित कई गावों के किसानों ने बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर टयूबवेलों पर विधुत विभाग द्वारा हाल ही में लगाए गए दर्जनों मीटर को उतारकर कम्हेड़ा बिजलीघर में जमा किया है. उधर, विधुत विभाग के क्षेत्रीय अधिशासी अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि शासन की योजना के अनुसार ही मीटर लगाए जा रहे हैं. ऊर्जा के आकलन के लिए कितनी सब्सिडी शासन को दी जानी चाहिए और कितनी सब्सिडी विभाग को प्राप्त होनी चाहिए उस उद्देश्य से मीटर लगाए गए थे. इन मीटरों को लगाने का एक उद्देश्य यह था कि हम इससे भार का आकलन कर भविष्य के प्लान को स्पष्ट कर सकें.
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राजेश कुमार का कहना है कि उपभोक्ताओं की सहमति पर ही मीटर लगाए गए थे और अब तक 250 मीटर लगाए गए थे. उन्होंने कहा कि भ्रम के कारण 7-8 किसानों ने मीटर वापस किए. उन्हें समझाया गया और फिर दोबारा मीटर लगाया गया. उन किसानों को फिक्स चार्ज के हिसाब से ही बिल जाता है. उनका जनवरी से बिल आधा कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि किसानों के यहां पहले मीटर ना लगे होने पर भी बिल लिया जाता था. एक हफ्ता पहले लगे मीटर पर बिल आने की कोई संभावना नहीं है. अगर मीटर में कोई गड़बड़ी होती तो हम यूनिट के हिसाब से रिकॉर्ड कर व्हाट्सऐप पर भेज देते हैं. व्हाट्सऐप पर ही संशोधित कर सही बिल भेज दिया जाता है. पुरकाजी क्षेत्र में 7-8 मीटर उतारने की जानकारी मिली है.
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Source: IOCL




























