मुरादाबाद में आवारा कुत्तों का आतंक, दुकान पर गए 7 साल के मासूम पर हमला, नोंच-नोंचकर मार डाला
Moradabad Dog Attack: मुरादाबाद में एक सात साल के बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया और उसे नोंच-नोंचकर मार डाला, इस घटना से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है.

Moradabad Dog Attack: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बार फिर आदमखोर आवारा कुत्तों ने एक मासूम को अपना निवाला बनाया है. इस खबर से लोगों को दिल दहल गया है. ये मामला कुंदरकी थाना क्षेत्र का है जहां प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाला 7 साल का मासूम अब्दुल रहमान पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया और उसे तब तक नोंचते रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई.
घटना कुंदरकी थाना क्षेत्र के मिलक मोहम्मद जमापुर गांव की है जहां रहने वाले सात साल का अब्दुल रहमान प्राइमरी स्कूल में कक्षा दो का छात्र था. स्कूल के लौटने के बाद अब्दुल घर से पैसे लेकर दुकान पर कुछ सामान खरीदने गया था तभी शाम के समय उसे अकेला पाकर ख़ूंखार कुत्तों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया. कुत्तों ने मासूम को नोंच-नोंचकर मार डाला. इधर काफी समय बीतने के बाद भी जब अब्दुल घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को उसकी चिंता हुई, जिसके बाद उन्होंने बच्चे की तलाश शुरू की.
आवारा कुत्तों ने मासूम बच्चे पर किया हमला
तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को उसका शव घर सो दो सौ मीटर दूर आम के बाग में लहुलुहान हालत में पड़ा मिला. बेटे का शव देखकर मां की वही चीख निकल गई और वो वही बेहोश हो गई. इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर फोरेंसिक टीम के साथ एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह और सीओ बिलारी राजेश कुमार थाना प्रभारी के साथ मौके पर पहुंच गए और जांच पड़ताल कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
परिजनों का कहना है कि अब्दुल दोपहर लगभग दो बजे स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर आया था जिसके बाद उसने खाना खाया और रोजाना की तरह पैसे लेकर दुकान पर कुछ खरीदने गया था. काफी देर तक जब वो नहीं लौटा तो उसकी तलाश की गई. गांव की मस्जिदों से लाउडस्पीकर से ऐलान भी कराया, इसके बाद अन्य ग्रामीण भी अपने घर से बाहर निकल आए और सभी बच्चे की तलाश में जुट गए. काफी देर बाद करीब 8 बजे के समय बच्चे का शव स्कूल के पास आम के बाग में पड़ा मिला.
बच्चे की मौत से परिवार गहरे सदमे में हैं हर कोई आवारा कुत्तों के हमलों से परेशान है इस से पहले भी आवारा कुत्ते कई बच्चों की जान ले चुके हैं.























