Meerut News: थाना परिसर की जमीन पर बनी है मस्जिद? पुलिस के नोटिस के बाद शुरू हुआ विवाद
Meerut News In Hindi: पुलिस का कहना है कि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन एवं शासन के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

उत्तर प्रदेश के खरखौदा थाना क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद को लेकर विवाद सामने आया है.मेरठ पुलिस ने मस्जिद के इमाम को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि संबंधित मस्जिद थाना परिसर की भूमि पर बनी हुई प्रतीत होती है.नोटिस में मस्जिद प्रबंधन से सात दिन के भीतर भूमि और मस्जिद से संबंधित सभी वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है. उधर मस्जिद कमेटी ने पुलिस के दावों को नकारते हुए इसे 200 वर्ष पुरानी मस्जिद और वक्फ में दर्ज बताया है.
पुलिस का कहना है कि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन एवं शासन के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है.
200 वर्ष से अधिक पुराने होने का दावा
मस्जिद से जुड़े लोगों और क्षेत्रवासियों का दावा है कि यह मस्जिद करीब 200 वर्ष से अधिक पुरानी है और लंबे समय से यहां नियमित रूप से नमाज अदा की जाती रही है। अय्यूब खान मुतवल्ली जामा मस्जिद खरखौदा के मुताबिक वर्ष 1985 में इस मस्जिद को वक्फ बोर्ड में भी दर्ज किया गया था.मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों के अनुसार अब इस मामले में वक्फ बोर्ड की ओर से ही जवाब दाखिल किया जाएगा.
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद क्षेत्र की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां प्रतिदिन लगभग 300 से 500 लोग नमाज अदा करने पहुंचते हैं.नोटिस जारी होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग मामले के समाधान का इंतजार कर रहे हैं.
मस्जिद पक्ष के दावों का इंतजार
फिलहाल पुलिस द्वारा दस्तावेज मांगे जाने और मस्जिद पक्ष द्वारा अपने दावों के समर्थन में अभिलेख प्रस्तुत करने की तैयारी के बीच सभी की नजर आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है. माना जा रहा है कि इस मामले में मस्जिद पक्ष और समुदाय अपना विरोध दर्ज करवाएगा.
























