'अब समय आ गया है...', पाकिस्तान में बेनतीजा रही ईरान-US वार्ता पर खालिद रशीद फिरंगी का बयान
Iran America Peace Talk: ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर हुई बातचीत फेल हो गई है. इस बीच मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली की प्रतिक्रिया सामने आई है.

पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर 20 घंटे से भी ज्यादा समय तक बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इस्लामाबाद में 20 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद भी ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो पाया. इस वार्ता के विफल होने पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.
ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी ने मामले पर कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत किसी सकारात्मक नतीजे पर नहीं पहुंची और पूरी तरह विफल रही. अब समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र और ओआईसी (इस्लामिक सहयोग संगठन) हस्तक्षेप करें और पूर्ण संवाद के माध्यम से इस मुद्दे को हल करें, क्योंकि वैश्विक शांति के लिए इस मुद्दे का समाधान अत्यंत आवश्यक है.
अमेरिका ने चीन को दी चेतावनी
अमेरिका द्वारा चीन को चेतावनी दी गई है कि अगर उसने ईरान को हथियार दिए तो वह बड़े अंजाम भुगतने के लिए तैयार हो जाएं. इस पर खालिद रशीद ने कहा कि अमेरिका चीन को भी धमकी दे रहा है? तो अब यह मामला और भी ज्यादा गंभीर होता जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि अमेरिका को दूसरे देशों को धमकी देना बंद कर देना चाहिए और बैठकर बातचीत के जरिए इन सभी अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का हल निकालना चाहिए, क्योंकि यह समस्या अब और भी ज्यादा बढ़ रही है और वैश्विक शांति के लिए यह एक बहुत ही गंभीर चिंता का विषय बन सकती है.
शांति वार्ता विफल होने पर शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने क्या कहा?
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत फेल होने के ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जहां तक शर्तों की बात है वह अमेरिका के हिसाब से नहीं बल्कि ईरान के हिसाब से तय होंगी. वह तो ईरान की सभ्यता को खत्म करने चले थे. असल मसला यह पूरे तरीके से एक खेल था. अमेरिका ने लड़ाई को रोका था, ताकि वह अपनी सैन्य शक्ति खाड़ी समेत हर तरफ बढ़ा सकें. जिससे ईरान के ऊपर मजबूत तरीके से हमले किए जा सकें.
उन्होंने आगे कहा कि ईरान भी हर हमले के लिए तैयार है. ईरान न झुका है और न ही टूटा है. बेशक ईरान में शहादतें हुई हैं. ईरान में हमारे सुप्रीम लीडर समेत लोगों और बच्चों की शहादतें हुई हैं. इससे ईरान न झुका है, न टूटा है. अमेरिका के साथ गिरकर समझौता नहीं होगा. इज्जत-ए-नफ्स के साथ समझौता नहीं होगा. अगर समझौता होगा तो बराबर से होगा वरना नहीं होगा.
अमेरिका के पहले से जीतने के दावे पर क्या बोले मौलाना यासूब अब्बास
अमेरिका द्वारा पहले से ही इस युद्ध को जीतने का दावा किया गया है. इस पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि अमेरिका कहां से जीत गया है. अगर वह जीत गया है तो फिर टेबल पर किस लिए बैठा है. सवाल यह है कि अगर आप जीत गए हैं तो जीत का ऐलान करते, लेकिन आप इस्लामाबाद में बातचीत की टेबल पर किस लिए बैठ रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि इधर बातचीत चल रही थी तो वहीं दूसरी तरफ इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बयान सामने आ रहे थे कि हम पूरी तरह से ईरान को खत्म करके रहेंगे. उन्होंने आगे यह भी कहा कि एक तरफ बातचीत हो रही है और दूसरी तरफ ट्रंप के भी बयान सामने आ रहे थे. वह लगातार इस बातचीत के खिलाफ बयान जारी कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि इसके अंदर पहले ईरान है. और दुनिया देख लिया है कि बड़ी से बड़ी सुपरपावर ईरान के सामने बैठीं और ईरान ने उनका मुकाबला जंग के मैदान में भी किया. साथ ही समझौते की टेबल पर भी मुकाबला किया और कहा कि अगर शर्तें होंगी तो वह हमारे हिसाब से होंगी अमेरिका के हिसाब से नहीं होंगी.
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