योगी को गालियां...', स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में मुख्यमंत्री के पक्ष में आया अखाड़ा परिषद
Magh Mela 2026: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा, हम सब संत समान हैं. हमारे मुख्यमंत्री संत हैं. अगर हम उन्हें सम्मान नहीं देंगे तो कौन उन्हें सम्मान देगा.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या का स्नान करने से पुलिस द्वारा कथित तौर पर रोके जाने से पैदा हुए विवाद के बीच अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पक्ष लिया. माघ मेले में विश्व हिंदू परिषद के शिविर में बुधवार को आयोजित विराट संत सम्मेलन में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा, “हमारे साथ कोई अन्याय होता है, तो हमें सरकार और अधिकारियों के पास जाना चाहिए. उन्होंने (अविमुक्तेश्वरानंद) योगी जी को गालियां देनी शुरू कर दीं.”
महंत रवींद्र पुरी ने कहा, “हम सब संत समान हैं. हमारे मुख्यमंत्री संत हैं. अगर हम उन्हें सम्मान नहीं देंगे तो कौन उन्हें सम्मान देगा. हम अधिकारियों, मेला प्रशासन का विरोध कर सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का विरोध नहीं कर सकते.” उन्होंने कहा, “हमें मुख्यमंत्री जी को अपनी व्यथा बतानी चाहिए थी. जब मुख्यमंत्री जी को सीधे गाली देंगे तो वह क्या करते. हमारे मुख्यमंत्री स्वयं एक संत हैं और हमारे प्रधानमंत्री स्वयं एक संत हैं. उनके ऊपर अंगुली उठाई जा रही है.”
हमारे मुख्यमंत्री जी को गालियां दी जा रही- महंत रवींद्र पुरी
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने कहा, “सभी संतों को पता है कि माघ मेले में शाही स्नान नहीं होता है. लेकिन बहुत दुख की बात है कि स्नान को लेकर हमारे मुख्यमंत्री जी को गालियां दी जा रही हैं. क्या यह संतों की भाषा है. ऐसे संतों से हमें दूरी बनानी पड़ेगी.” उन्होंने कहा, “हमें खुश होना चाहिए कि हमारा एक संत उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री है जिन्होंने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाया है. हमारा किसी संत से कोई विरोध नहीं है. माननीय मुख्यमंत्री के विरोध को लेकर हमारा विरोध है.”
मेला प्रशासन और सीएम योगी की आलोचना कर रहे हैं अविमुक्तेश्वरानंद
उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को मौनी अमावस्या का स्नान करने से कथित तौर पर रोके जाने के बाद से ही वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पूरे मेला प्रशासन की आलोचना कर रहे हैं.
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Source: IOCL

























