LPG Crisis: गैस संकट ने बिगाड़ी शादी की तैयारियां, अमेठी में सिलेंडर के लिए भटकता रहा दुल्हन का पिता
LPG Crisis In Amethi: अमेठी में गैस सिलेंडर की किल्लत ने शादी वाले घर की परेशानी बढ़ा दी. बेटी की शादी से पहले पिता घंटों लाइन में लगे रहे, सिलेंडर नहीं मिला तो लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनवाई.

खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के असर से देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. इसका असर अब छोटे जिलों और कस्बों तक पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भी गैस एजेंसियों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. सहालग के इस मौसम में गैस सिलेंडर की कमी ने खासकर शादी-ब्याह वाले घरों की परेशानी बढ़ा दी है.
अमेठी ब्लॉक और कोतवाली क्षेत्र के डेढ़ पसार गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां रहने वाले रविंद्र नाथ तिवारी की बेटी की शादी गुरुवार (12 मार्च) को है, लेकिन शादी से ठीक एक दिन पहले गैस सिलेंडर नहीं मिलने से पूरे परिवार की तैयारियां प्रभावित हो गईं. परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बारातियों के भोजन और मिठाई की व्यवस्था की थी.
शादी की तैयारी छोड़ गैस के लिए लाइन में लगे पिता
बेटी की शादी किसी भी पिता के लिए सबसे बड़ा और भावुक अवसर होता है. लेकिन रविंद्र नाथ तिवारी के लिए यह खुशी उस समय चिंता में बदल गई जब उन्हें शादी से पहले गैस सिलेंडर नहीं मिला.
बताया जा रहा है कि बेटी की शादी की तैयारियों के बीच रविंद्र नाथ तिवारी कई घंटों तक गैस एजेंसी के बाहर लाइन में लगे रहे. उम्मीद थी कि किसी तरह सिलेंडर मिल जाएगा और शादी की तैयारियां समय पर पूरी हो जाएंगी. लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा.
उन्होंने अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या बताई तो उन्हें अमेठी की बजाय भादर से गैस उपलब्ध कराने की बात कही गई. जबकि उनका गैस कनेक्शन अमेठी कस्बे में स्थित प्रकाश गैस एजेंसी में है. इसके बावजूद वहां से उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा सका. इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई.
हलवाई ने मांगे थे 9 सिलेंडर, मिले सिर्फ 2
शादी के बड़े कार्यक्रम में भोजन और मिठाई बनाने के लिए पर्याप्त गैस सिलेंडर की जरूरत होती है. तिवारी परिवार ने भी इसी हिसाब से तैयारियां की थीं. शादी में आए हलवाई ने खाना और मिठाई बनाने के लिए करीब 9 गैस सिलेंडर की मांग की थी.
अधिकारियों की मदद से गुरुवार को भादर ब्लॉक क्षेत्र से केवल दो भरे हुए सिलेंडर ही उपलब्ध हो सके. इतने कम सिलेंडर में पूरी शादी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया.
रिश्तेदारों से सिलेंडर मंगवाकर संभाली व्यवस्था
बारात गुरुवार को आने वाली थी और बारातियों के भोजन की व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी थी. ऐसे में रविंद्र नाथ तिवारी ने अपने रिश्तेदारों से मदद मांगी.
उन्होंने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि उनकी बड़ी बेटी के घर जामों में कुछ दिन पहले एक बड़ा कार्यक्रम हुआ था जिसमें करीब 25 गैस सिलेंडर इस्तेमाल किए गए थे. उसी कार्यक्रम में इस्तेमाल हुए कुछ आधे भरे और कुछ पूरी तरह भरे सिलेंडर रिश्तेदारों के पास मौजूद थे.
परिवार ने रिश्तेदारों से संपर्क कर उन सिलेंडरों को मंगवाया और किसी तरह शादी की व्यवस्था संभालने की कोशिश की. तिवारी परिवार का कहना है कि अगर रिश्तेदारों का सहयोग नहीं मिलता तो शादी की व्यवस्था करना लगभग असंभव हो जाता.
लकड़ी के चूल्हे पर बनी मिठाइयां
पर्याप्त गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण हलवाई को भी मजबूरी में अपना तरीका बदलना पड़ा. बुधवार की शाम को हलवाई ने लकड़ी के चूल्हे पर मिठाई बनाने का काम शुरू किया.
आम तौर पर बड़े आयोजनों में गैस सिलेंडर का ही इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इससे काम जल्दी और आसानी से हो जाता है. लेकिन यहां हालात ऐसे बन गए कि लकड़ी का चूल्हा ही सहारा बन गया.
परिवार के लोगों का कहना है कि शादी में केवल एक दिन का समय बचा था. निमंत्रण पत्र बांटे जा चुके थे और बारात आने वाली थी. ऐसे में शादी टालना संभव नहीं था. इसलिए जो भी साधन उपलब्ध थे, उन्हीं से व्यवस्था करने की कोशिश की गई ताकि मेहमानों को भोजन और मिठाई दी जा सके.
अधिकारी बता रहे अफवाह, जमीनी हकीकत अलग
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान हैं, वहीं अधिकारी इसे अफवाह बता रहे हैं. जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत का कहना है कि जिले में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है.
उनका कहना है कि केवल इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की एजेंसियों पर थोड़ी समस्या आई है क्योंकि सर्वर में दिक्कत होने के कारण बुकिंग नहीं हो पा रही थी.
उन्होंने बताया कि बाकी एजेंसियों पर सामान्य तरीके से काम चल रहा है. उनके मुताबिक अमेठी के प्रकाश गैस एजेंसी पर बुधवार को गैस की लोडिंग नहीं हो पाई थी, जिसके कारण कुछ उपभोक्ताओं को परेशानी हुई.
अधिकारी का यह भी कहना है कि शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में कमर्शियल गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है, जिस पर सरकार की ओर से रोक लगाई गई है. इसी कारण घरेलू गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है और दबाव भी बढ़ा है.
गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें
हालांकि अधिकारियों के दावों के विपरीत जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है. अमेठी जिले की कई गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं.
लोग घंटों लाइन में खड़े होकर गैस सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं. कई उपभोक्ताओं को बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. शादी-ब्याह के इस मौसम में गैस की मांग और ज्यादा बढ़ गई है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है.
ऐसे में आम लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में और भी परिवारों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. खासकर उन घरों में जहां शादी जैसे बड़े कार्यक्रम होने वाले हैं, वहां चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई है.
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Source: IOCL
























