UP LPG Crisis: वाराणसी में सिलेंडर न मिलने की वजह से अब भोजनालय बंद! नोएडा, कानपुर में भी लोग परेशान
UP LPG Crisis: उत्तर प्रदेश में एलपीजी संकट को लेकर एक ओर जहां सरकार सक्रिय है तो वहीं जमीन पर हालात कुछ और ही हैं. नोएडा से लेकर गोरखपुर तक लोगों के परेशान होने की सूचनाएं आ रहीं हैं.

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी की किल्लत सामने आ रही है. गौतमबुद्धनगर से गोरखपुर तक कई हिस्सों में दावा है कि समय पर एलपीजी नहीं मिल रही है. कई जगह से तो शिकायत यह भी है कि बुकिंग हुई और डिलिवरी भी लेकिन उपभोक्ता तक गैस नहीं पहुंचा.
इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि फील्ड में उतरें और उपभोक्ताओं की शिकायत दूर करें. इस क्रम में कई जिलों में अधिकारियों ने छापे मारे.
यहां पढ़ें यूपी के सभी जिलों में क्या है एलपीजी की स्थिति?
नोएडा के सेक्टर-18 स्थित जेआरवीपी भारत गैस एजेंसी में घरेलू गैस बुकिंग को लेकर अजीब मामला सामने आया, जिसे लेकर उपभोक्ताओं ने एजेंसी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिना बुकिंग किए ही उनके नाम पर गैस सिलेंडर बुक होकर डिलीवर दिखा दिया गया, जिससे उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है. उपभोक्ता सुमन कुमार के भाई सुधांशु कुमार जब एजेंसी पहुंचे तो यह मामला सामने आया. ऐसे कई उपभोक्ता सामने आए जिन्हें गैस नहीं मिल रही थी. नाराज़ लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया और गैस उपलब्ध कराने का भरोसा दिया, जिसके बाद लोग वहां से हट गए.
कानपुर के नजीराबाद थाना क्षेत्र में गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. पुलिस ने कहा कि शहर में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों से बचने तथा पैनिक बाइंग न करने की अपील की. पुलिस के अनुसार एजेंसी के दो वितरण केंद्र-जेके मंदिर और चुन्नीगंज-के ग्राहक एक ही स्थान पर पहुंच गए थे, जिसके कारण भीड़ बढ़ गई थी. पुलिस ने लोगों को शांत कराकर गैस का वितरण सुचारू रूप से शुरू कराया. साथ ही चेतावनी दी गई कि अफवाह फैलाने, कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. किसी भी समस्या या शिकायत के लिए उपभोक्ता भारत गैस (1800-22-4344), इंडेन गैस (1800-233-3555) और एचपी गैस (1800-233-3555) के टोल-फ्री नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं.
अमेठी में बेटी की शादी की तैयारियों के बीच रविंद्र नाथ तिवारी कई घंटों तक गैस एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े रहे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल सका. उन्होंने अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या बताई तो उन्हें अमेठी की बजाय भादर से गैस लेने की बात कही गई. जबकि उनका गैस कनेक्शन अमेठी कस्बे की प्रकाश गैस एजेंसी में है, इसके बावजूद वहां से उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जा सका.
लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महंगाई और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. सपा कार्यकर्ता एलपीजी सिलेंडर लेकर चौराहे पर पहुंचे और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “नाम नरेंद्र, काम सरेंडर” जैसे नारे भी लगाए. सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है और रसोई गैस के दाम बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो सपा अपना आंदोलन और तेज करेगी.
वाराणसी के कैंट स्थित क्षेत्र में बड़ी संख्या में होटल रेस्टोरेंट भोजनालय संचालित किए जाते हैं . वहीं एलपीजी सिलेंडर न मिलने की वजह से अब भोजनालय बंद होते भी नजर आ रहे हैं . एबीपी न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बनारसी रसोई नाम से एक शाकाहारी भोजनालय बंद नज़र आ रहा है. मौके पर मौजूद मलिक ने कहा कि सिलेंडर न मिलने की वजह से हमें रसोई बंद करनी पड़ी, जिसकी वजह से हमें काफी नुकसान हो रहा है. बीते दो दिन से बहुत सारे कस्टमर लौट चुके हैं और अब समझ नहीं आ रहा है कि कैसे हमारे रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारियों को हम पगार दें . वहीं यह भी कहा है कि बहुत जल्द हम चूल्हे पर खाना बनाने के लिए इंतजाम में जुटे हुए हैं.
लखनऊ में गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है. सिलेंडर न मिलने के कारण लोग बड़ी संख्या में भट्टी (स्टोव) की दुकानों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वहां लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और भारी भीड़ देखने को मिल रही है. मांग अचानक बढ़ने का फायदा उठाते हुए कई दुकानदार भट्टियां मनमाने दामों पर बेच रहे हैं. हालात यह हैं कि करीब 500 रुपये में मिलने वाली भट्टी अब 3500 रुपये तक में बेची जा रही है. खास तौर पर होटल संचालकों को भट्टी खरीदने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बढ़ती मांग के चलते कई दुकानों पर भट्टी 7 से 8 दिन के इंतजार के बाद मिल पा रही है.
गोरखपुर में DM दीपक मीणा ने घरेलू गैस की कालाबाजारी के लिए दो गैस एजेंसियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कहा, "मेरी सभी से विनती है कि कोई भी पैनिक ना करे. अफवाहों पर ध्यान ना दें. हमारे पास जितने भी घरेलू सप्लाई हैं सभी को बुकिंग दी जा रही है. पैनिक में आकर लोगों की बुकिंग बढ़ गई है. हम सभी खुदरा विक्रेताओं पर निगरानी बरत रहे हैं कि कितने स्टॉक हैं कितने बांट रहे हैं. कल भी हमारे द्वारा 2 जगहों पर FIR कराकर मुकदमा दर्ज कर रिटेल आऊटलेट बंद करके कार्रवाई कर रहे हैं. जो लोग भी कालाबाजारी करेंगे उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी."
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Source: IOCL


























