कुंवर प्रणव चैंपियन के आरोपों से सियासी भूचाल, 24 साल पुरानी ‘डांस पार्टी’ पर गणेश गोदियाल का जवाब
Dehradun News In Hindi: चैंपियन ने अपने वीडियो में दावा किया कि वर्ष 2002 में गोदियाल उन्हें मुंबई के एक डांस क्लब में लेकर गए थे. उन्होंने हरक सिंह रावत से जुड़े पुराने जैनी प्रकरण का भी उल्लेख किया.

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर पुराना घटनाक्रम सुर्खियों में है. बीजेपी के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. चैंपियन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इस पर गोदियाल ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस तथाकथित ‘डांस पार्टी’ का जिक्र किया जा रहा है, उसके बारे में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बेहतर जवाब दे सकते हैं.
चैंपियन ने अपने वीडियो में दावा किया कि वर्ष 2002 में गोदियाल उन्हें मुंबई के एक डांस क्लब में लेकर गए थे. साथ ही उन्होंने हरक सिंह रावत से जुड़े पुराने जैनी प्रकरण का भी उल्लेख किया. इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोदियाल ने कहा कि 2002-03 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के कई विधायकों की ड्यूटी लगी थी और सभी एक ही विमान से मुंबई गए थे. एयरपोर्ट पर दोनों दलों के विधायकों ने दावत की मांग की, जिस पर उन्होंने पहले घर पर पार्टी देने की बात कही, लेकिन आपसी सहमति से बाहर आयोजन तय हुआ.
24 साल बाद मुद्दा बनाने पर आपत्ति
गोदियाल के अनुसार, उनके घर के पास एक रेस्टोरेंट में पार्टी रखी गई. भोजन के दौरान चैंपियन ने ‘नाच-गाने’ की बात कही, जिसके बाद एक परिचित की मदद से दूसरे क्लब में जाने की व्यवस्था हुई. वहां महिला और पुरुष डांस कर रहे थे और कुछ विधायक डांस फ्लोर तक भी गए. गोदियाल ने कहा कि इसमें कोई अनैतिकता नहीं थी. उन्होंने सवाल उठाया कि 24 साल बाद इस घटना को मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि उस आयोजन के गवाह बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी हैं.
हरीश रावत का पलटवार
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे विद्वेष की राजनीति करार दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक छोटा और संवेदनशील राज्य है, जहां जातीय, धार्मिक या क्षेत्रीय विभाजन की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए. उन्होंने सभी दलों से स्वस्थ और मुद्दा-आधारित राजनीति अपनाने की अपील की.
वहीं, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने भी चैंपियन के आरोपों को गंभीरता से न लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि 2007 से 2012 के बीच उन्होंने चैंपियन को करीब से देखा है और राजनीति में अलग-अलग स्वभाव के लोग होते हैं. हरक सिंह ने 2012 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उन्होंने कोई गलती की होती तो जनता उन्हें भारी मतों से विजयी नहीं बनाती.
प्रदेश की राजनीति बयानों से गरमाई
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में पुराने रिश्तों और कटुता को सामने ला दिया है, जहां एक ओर बीजेपी और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, वहीं राजनीतिक जानकार इसे आगामी चुनावी रणनीतियों से जोड़कर देख रहे हैं. फिलहाल, बयानबाजी का दौर जारी है और देखना होगा कि यह विवाद आगे क्या मोड़ लेता है.
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Source: IOCL

























