'बेटी बचाओ की जगह बेटा बचाओ ना हो जाए...', महिला आरक्षण पर राजा भैया की बात पर क्यों हंसा सदन?
UP Assembly Session 2026: महिला आरक्षण पर यूपी विधानसभा के विशेष सत्र में प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक राजा भैया ने कहा कि देश की आबादी के हिसाब से जनप्रतिनिधियों की संख्या भी बढ़नी चाहिए.

उत्तर प्रदेश में गुरुवार को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया, जिसमें लोकतांत्रिक जनसत्ता पार्टी के अध्यक्ष और कुंडा सीट से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने महिला आरक्षण को लेकर अपना पक्ष रखा, इस दौरान उन्होंने ऐसी बात कही कि सदन में सभी लोग हंसने लगे. विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि कहीं बेटी बचाओ की जगह बेटा बचाओ ना हो जाए.
राजा भैया जब सदन में बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा भी उठाया, उन्होंने कहा कि आज जिस तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है उस हिसाब से जनप्रतिनिधियों की संख्या भी बढ़नी चाहिए. 2011 के बाद जनगणना नहीं हुई है. अब जो जनगणना होगी वो एक मार्च 2027 को पूरी होगी.
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महिला आरक्षण पर बोले राजा भैया
नारी वंदन 2023 में आ ही गया था. अभी हाल ही संसद का जो विशेष सत्र हुआ उसमें लोगों को उम्मीद थी कि ये बात अब आगे बढ़ेगी. ऐसा नहीं है भाजपा को नहीं पता था कि ये बिल पास होगा या नहीं लेकिन उम्मीद रही होगी कि इस कार्य में सभी दल सहयोग करेंगे. ये लागू हो जाए और इसमें परिसीमन भी हो जाए कि जिस हिसाब से हमारी जनसंख्या बढ़ रही है उस हिसाब से लोकसभा और राज्यसभा की सीटें भी बढ़नी चाहिए.
राजा भैया ने कहा कि आज महिलाएं नए-नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं. चाहे वो खेल हो, साइंस हो या कुछ और हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है. उन्हें देखकर गर्व भी होता है. जहां तक राजनीति में आरक्षण की बात है तो हमें इस पर चिंतन करना चाहिए कि पंचायत चुनाव में महिलाओं को आरक्षण है लेकिन वास्तविक स्थिति ये है कि लोगों प्रधान जी का नाम नहीं पता है लेकिन प्रधान पति का नाम पता है.
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तो क्या इससे पंचायती राज में महिला आरक्षण से महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है. इस विषय पर चिंतन करना होगा. मैं कह सकता हूं कि इससे महिला उत्थान नहीं हो सकता. राजा भैया ने कहा कि आज सदन में जितनी भी महिलाएं हैं वो बिना किसी आरक्षण के आईं हैं और पुरुषों का पटखनी देकर आई हैं. लेकिन सामंजस्य बनाना भी जरूरी है. कहीं ऐसा न हो जाए 15-20 साल बाद पुरुषों के लिए विशेष सत्र बुलाना पड़े.
स्पीकर सतीश महाना की बात लगे ठहाके
राजा भैया की इस बात पर विधानसभा स्पीकर सतीश महाना बीच में ही बोल पड़े और कहा कि कहीं 'बेटी बचाओ की जगह बेटा बचाओ ना हो जाए..', जिसके बाद राजा भैया ने कहा कि और फिर पुरुष सशक्तीकरण सदन बुलाना पड़े. दोनों की इस बातचीत पर सदन में मौजूद विधायक भी हंसने लगे.
राजा भैया ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बेटियां न सिर्फ सक्षम है बल्कि योगी आदित्यनाथ की सरकार में सुरक्षित भी है. एक विधायक के रूप में हमारी शारीरिक क्षमता सीमित है. आबादी उसकी तुलना में कई गुना बढ़ी है. और अधिक जनप्रतिनिधियों की आवश्यकता है. हम चाहते हैं कि सीटें भी बढ़ें और सामंजस्य भी रहें क्योंकि संविधान का मूल है कि लैंगिक असमानता न हो.























